tiger day

आज पूरी दुनिया में इंटरनेशनल टाइगर डे है। लेकिन बीते कुछ दशक में इनकी संख्या में कमी दर्ज की गयी है। जिसका कारण इनके अवैध शिकार को माना जाता है। ऐसे में इन्हें बचाने के लिए पुरे विश्व में कार्यक्रम शुरू किये गये हैं। जिसमें 29 जुलाई को टाइगर डे मनाया जाता है। टाइगर डे का अब प्रभाव भी दिखने लगा है। बीते 100 वर्षों में इनकी संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है।

आज से सौ साल पहले पूरी दुनिया में टाइगर की संख्या लाखों में थी। लेकिन आज ये संख्या घटकर महज तीन हजार के आस-पास रह गई है। इसके लिए पूरी दुनिया चिंतित है। इस संख्या में सुधार हो इसलिए पूरी दुनिया के देशों में टाइगर रिजर्व बनाये जा रहे हैं। हालाँकि इससे पहले हर साल टाइगर की संख्या में कमी दर्ज होती थी। लेकिन इस साल टाइगर की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। आज विश्व के 80 फ़ीसदी टाइगर भारत में हैं।

उत्तर प्रदेश के लिए खुशखबरी ये है कि यहाँ के टाइगर रिजर्व में इनकी संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले छह सालों में यूपी के टाइगर रिज़र्व में 19 नए बाघ बढ़े हैं। 2010  के बाघों की गणना में प्रदेश में 117 बाघ थे। लेकिन 2016 में टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 136 हो गई। दुधवा नेशनल पार्क, पीलीभीत टाइगर रिजर्व और अमानगढ़ में सेव टाइगर प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इस कार्यक्रम की बदौलत बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है। टाइगर की बड़ी संख्या में सबसे अहम योगदान उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियां रही हैं। जिसका पूरा श्रेय प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जाता है। टाइगर की संख्या में यूँ ही इजाफा होती रहे। यही हमारी कामना है।