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प्रदेश के शहरी पार्क सिर्फ टहलने का ही स्थान नहीं रहेंगे, बल्कि अब बच्चों को यहां इनडोर गेम्स की सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही बुजुर्गों को योग करने के लिए व्यवस्थित स्थान भी उपलब्ध होगा। इसके अलावा इन पार्कों में शुद्ध पेयजल समेत कई ऐसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी, जो पार्क में आने वाली जनता के लिए जरूरी होंगी। 

नगर विकास विभाग अमृत योजना के तहत फिलहाल प्रदेश के 49 पार्कों का विकास इन सुविधाओं को ध्यान में रखकर करने जा रहा है। इस संबंध में तैयार प्रस्ताव को सरकार द्वारा गठित राज्य तकनीकी समिति ने मंजूरी दे दी है। प्रदेश के 85 शहरों में अमृत योजना के तहत पार्कों का विकास किया जाना है। इसके लिए क्षेत्रीय शहरी एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आरसीयूईएस) को डीपीआर तैयार कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

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आरसीयूईएस ने पहले चरण में 10 नगर निगमों और 19 नगर पालिका परिषद वाले शहरों के 49 पार्कों का चयन किया है। फिलहाल नगर निगम वाले 10 शहरों के 30 पार्कों और नगर पालिका वाले 19 शहरों में एक-एक पार्क डेवलप करने की डीपीआर तैयार कर ली गई है। इसे राज्य स्तरीय समिति ने मंजूर भी कर दिया है। आरसीयूईएस के अपर निदेशक एके गुप्ता ने बताया कि पार्कों के विकास से संबंधित डीपीआर को अब वित्तीय स्वीकृति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली स्टेट हाईपावर कमेटी में रखा जाएगा। यहां से स्वीकृति मिलते ही पार्कों के विकास कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।