यूं तो कला के क्षेत्र में मेरठ का नाम देश और दुनिया में लोकप्रिय है। वह चाहे क्रिकेट के बल्ले हों या लेदर की गेंद मेरठ की कला का असर साफ़ दिखा हर बड़े स्तर पर दिखता है। कला के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मेरठ की शिक्षिका तूलिका ने अपनी कलाकृतियों से हस्तशिल्प के क्षेत्र में दक्षता पुरस्कार हासिल किया है। पल्लवपुरम निवासी तूलिका की कलाकृतियां अमेरिका और जापान सरीखे देशों के साथ देश के नामी गिरामी होटलों, शोरूम और घरों की शोभा बढ़ा रही हैं।

तूलिका मिश्रा ने पहले अपने हुनर से प्रदेश और देश स्तर पर दिखाया। हाल ही में एमपीजीएस में कला की अध्यापिका तूलिका को प्रदेश स्तर पर प्रदान किए जाने वाले राम मनोहर लोहया विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार 2015-16 के तहत दक्षता पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें 21 सितंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सम्मानित करेंगे। तूलिका दिल्ली के प्रगति मैदान में लगने वाले ट्रेड फेयर में दो बार अपने चित्रों का प्रदर्शन कर चुकी हैं। जहां उन्हें पुरस्कृत भी किया गया।

वैसे तूलिका ने पेंटिंग बनाना 5 साल की उम्र से शुरू कर दिया था। उसके बाद 20 साल की उम्र में वह प्रोफेशनल कलाकृतियां बनाने लगीं। शादी के बाद आर्टस में एमए करने के बाद वो मुख्यत: सेरेमिक ऑयल ऑन कैनवास विधा में चित्र बनाती हैं। इस विधा पर मेरठ सहित पूरे देश में गिने चुने कलाकार हैं। तूलिका ऐसे ही प्रदेश और देश का नाम रोशन करती रहे सोशल समाजवादी की शुभकामनाएं उनके साथ हैं।