Uttar Pradesh state chief minister Akhilesh Yadav addresses a gathering in Lucknow, India, Tuesday, Feb. 25, 2014. Yadav inaugurated 17 projects and laid the foundation stone of 26 others. He also distributed loan waiver certificates to 7,017 farmers, according to local reports. (AP Photo/Rajesh Kumar Singh)

ये कहानी नहीं बल्कि शाहीन और कुसुम की सच्ची दास्तान है। परिवार गरीब था, जिसकी वजह पढ़ाई से ज्यादा रोजगार अहम था। इस वजह से बचपन में पढ़ाई छूट गयी। लेकिन मन में जो जज्बा था कुछ करने का वह बरकरार था। इस दौरान कौशल विकास मिशन के बारे में सुना। इन्हें एहसास हुआ कि यहाँ से कुछ किया जा सकता है। शाहीन और कुसुम ने कौशल विकास मिशन से ब्यूटीशियन की ट्रेनिंग ली। शुरुआत में काम कम मिला, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। बाद में भाई ने भी थोड़ा सहयोग किया और अब शाहीन और कुसुम ब्यूटीपार्लर से 7 हजार रुपये प्रतिमाह कमा लेती हैं।

बदायूं के मोहल्ला अल्ला खान सराय की रहने वाली शाहीन और कुसुम के अलावा यहीं के बिल्सी क्षेत्र के सतेगी गाँव के रहने वाले ललितेश ने भी कौशल विकास मिशन से ही कंप्यूटर की शिक्षा ली और अब 8 हजार रुपये प्रतिमाह नौकरी से कमाते हैं। यही नहीं शाहीन, कुसुम और ललितेश अपने तमाम बेरोजगार साथियों को कौशल विकास मिशन से जोड़ रहे हैं। जिससे प्रशिक्षण हासिल करके युवा अपना मुकाम हासिल कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना से बेरोजगार युवा लगातार प्रशिक्षण प्राप्त करके रोजगार हासिल कर रहे हैं। अखिलेश सरकार की इस योजना का लाभ खासकर ग्रामीण युवाओं के लिए संजीवनी की तरह काम कर रही है। हमारे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की यही कोशिश भी है कि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवा रोजगार पायें और प्रदेश के विकास में अहम योगदान निभाएं।