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अखिलेश सरकार हमेशा से शिक्षा के प्रति सचेत रही है। चाहे वह रिकॉर्ड लैपटॉप बाँटकर युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की बात हो या फिर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के तौर नियुक्त करके प्रदेश की शिक्षा को मजबूत बनाने का रहा हो। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ये प्रयास रहा है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से मरहूम न रहे। इसी का नतीजा है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में काम कर रहे बाल श्रमिकों को स्कूल पहुंचाने का काम अभियान शुरू कर रहा है। श्रम विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से राजधानी के विभिन्न इलाकों में दो हजार से ज्यादा बाल श्रमिक चिह्नित किए हैं। जिन्हें अब शिक्षा से जोड़ा जायेगा।

बेसिक शिक्षा विभाग श्रम विभाग की इस सूची के मुताबिक बच्चों को स्कूल पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। अगले महीने से शुरू हो रहे हाउस होल्ड सर्वे के दौरान शिक्षक इन बच्चों के दाखिले पर विशेष ध्यान देंगे। इस संबंध में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक महेंद्र सिंह राणा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी कर दिए हैं। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अगले महीने से जनपद में हाउस होल्ड सर्वे की शुरुआत हागी। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर स्कूल जाने योग्य बच्चों का ब्योरा जुटाएंगे।

यूपी सरकार की इस नीति से अब कोई भी बच्चा आर्थिक आभाव की दशा में शिक्षा से वंचित नहीं होगा। जिससे एक स्वच्छ समाज का निर्माण होगा। साथ ही उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर होगा।