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“ये इंसानी रिश्ता है। मुझे लगा किसी गरीब की मदद कर सकता हूं, इसलिए खून दान किया।" 

जी हां, ये है उत्तर प्रदेश पुलिस का मानवीय पक्ष। आपने ऐसी कई कहानियां सुनी होंगी। इस बार चर्चा करते हैं खीरी जिले के धौरहरा कोतवाली में तैनात सिपाही भरतलाल की। इंसानियत के नाम पर पुलिस कांस्टेबल भरतलाल की इस काम के लिए हर तरफ वाह वाही हो रही है। पुलिस महकमा भी उनके इस नेक कदम से गदगद है। एसपी अखिलेश चैरसिया चैरसिया का कहना है कि भरतलाल से पुलिसकर्मियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। पुलिस का काम ही गरीब और असहाय की सेवा मदद करना है। अब महकदम भरतलाल को सम्मानित करने की तैयारी कर रहा है। 

सिपाही भरतलाल एक सुबह गश्त करते हुए कलुआपुर गांव गए थे। वहां उन्हें लोगों ने बताया कि कि हुसैन की पत्नी साबिरा की तबीयत ज्यादा खराब है और वो बेहोशी की हालत में है। भरतलाल को पता चला कि साबिरा को खून की कमी है, जिससे उसकी हालत खराब होती जा रही। लेकिन जब परिजन और रिश्तेदार भी साबिरा को कोई खून देने को राजी नहीं हुए तो भरतलाल आगे बढ़कर आए और खुद रक्तदान की ठानी। आनन-फानन में उन्होंने साबिरा को अस्पताल पहुंचाया। धौरहरा सीएचसी से साबिरा को जिला मुख्यालय पर एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया। जहां बताया गया कि साबिरा का हीमोग्लोबिन चार पॉइंट है और उसे खून की तुरन्त जरूरत है। इस पर भरतलाल तुरंत ही धौरहरा से जिला अस्पताल गए और एक यूनिट खून साबिरा को दान किया। साबिरा की हालत खून चढ़ने से सुधर रही है।