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सीएम अखिलेश यादव यूपी के पहले सीएम हैं जो जनता की समस्या को अपनी समस्या मानकर काम करते हैं। उनकी हमेशा कोशिश रही है कि प्रदेश की जनता का कल्याण हो। उसके लिए नया रास्ता बनाना पड़े तो वह उसके लिए भी तैयार रहे हैं। सीएम अखिलेश के नेतृत्व में प्रदेश में कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत हुई। जिनका फायदा प्रदेश के सभी वर्ग के लोगों को हुआ।

अखिलेश सरकार ने किसानों को अपनी प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखते हुए उनकी समस्याओं का निदान किया। बुन्देलखण्ड जो सूखे की चपेट में लम्बे समय से है। जिसके लिए पूर्व की सरकारों ने कोई काम नहीं किया। लेकिन सीएम अखिलेश ने बुन्देलखण्ड में जल बचाव योजना के साथ नदी-तालाब योजना चलाई। जिससे प्रदेश में तकरीबन 3 हजार तालाब खोदे गये। जल संरक्षण के अलावा सीएम अखिलेश ने बुन्देलखण्ड को विशेष छूट देते हुए वहां राशन के साथ खाने की सभी जरुरी चीजों को पहुंचाया। साथ ही समाजवादी पेंशन को वहां शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाया। इसके अलावा मऊ जनपद पिछले कई सालों से सूखे की मार झेल रहा था। जिसके कारण ग्रामीण परिवेश अस्त-व्यस्त हो गया था। वर्षा के अभाव में ज़्यादातर किसानों की फसलें बर्बाद हो गयी थीं। सीएम ने फौरन यहां ‘मुख्यमंत्री जल बचाव योजना’ की शुरुआत की। इसके तहत मऊ जनपद में पुराने तालाबों एवं पोखरों का पुनरुद्धार कराया गया।

मऊ जनपद में में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 1284 तालाबों/पोखरों एवं वर्ष 2016-17 में 416 तालाबों/पोखरों पर जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। तालाबों के नवीनीकरण से जल स्तर में वृद्धि के साथ सिंचित क्षेत्र में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। अखिलेश यादव सरकार द्वारा प्रारंभ की गयी ‘मुख्यमंत्री जल बचाव योजना’ ने प्रदेश किसानों के साथ साथ बेजुबान मवेशियों की सहायता की है। ऐसी कारगर योजना की शुरुआत से न सिर्फ किसानों को सहायता मिलती है बल्कि सामाजिक स्तर पर भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा मिलता है। यह एक संगठित समाज के निर्माण का मूल आधार है।