सुपर थर्टी
शिक्षा से समाज का विकास होता है। इसकी मदद से व्यक्ति आत्म निर्भर बनता है। जिससे देश और समाज का भी मान बढ़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को छात्रवृति और मुफ्त में लैपटॉप वितरित कर चुके हैं। साथ ही अगर गरीब छात्र को आईआईटी जैसे उच्च शिक्षण संस्थान में पढ़ने का मौका मिले तो ये गर्व की बात होगी। इसी क्रम में प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री ने गरीब बच्चों के आईआईटी में दाखिला लेने के सपने को सच करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सीएम के इस कदम से बिहार की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी सुपर 30 की शुरुआत होने जा रही है। सुपर थर्टी के संचालक आनंद कुमार से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में भी सुपर 30 को शुरू करने को कहा। जिसके लिए आनंद कुमार ने भी हामी भर दी है। इस सिलसिले में यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आनंद कुमार से मुलाकात भी की। सुपर 30 उत्तर प्रदेश के छात्रों को अपना हिस्सा बनाने के लिए 19 जून को प्रवेश परीक्षा का आयोजन करेगी।
यह परीक्षा यूपी के 11 शहरों में होगी जिसमें चुने गये छात्रों को सुपर थर्टी में पढ़ने का मौका मिलेगा। यूपी में सुपर 30 शाखा में अभी 10 शीर्ष छात्रों को चयनित किया जायेगा। जो कक्षा 10 के छात्र होंगे। जबकि बारहवीं के 20 छात्रों को इसके लिए चुना जायेगा। चुने गये छात्रों को पटना की कोचिंग सेंटर में आईआईटी की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार किया जायेगा। चयनित छात्रों के पढ़ने और रहने की साड़ी सुविधा मुफ्त होगी। आनंद कुमार की सुपर 30 कोचिंग में दाखिला पाने के लिए सामान्य छात्रों को 85 फीसदी, ओबीसी के लिए 75 और एससी-एसटी के लिए 60 फीसदी अंक का कटऑफ निर्धारित है। परीक्षा केंद्र इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, झांसी, कानपुर, मेरठ, मुरादाबाद और आजमगढ़ में बनाये जायेंगे। इस तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इस कदम से गरीब और मुफिलिसी में जीवन बिताने वाले छात्रों का भी आईआईटी में पढ़ने का सपना साकार होगा। जो आर्थिक तंगी की वजह से उच्च शिक्षा और आईआईटी जैसे संस्थान में दाखिला पाने के दौड़ से बाहर हो जाते हैं।

अखिलेश सरकार की ये पहल वाकई सराहनीय है, जिससे गरीब बच्चों को भी समाज में बराबरी का दर्जा मिलेगा और हमारे प्रदेश का भी विकास होगा।