WhatsApp-Image-20160701

कहते हैं जो आदमी सोच सकता है, उसे वह कर भी सकता है। इस बात का ताज़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश में साफ़ देखने को मिला। सीएम अखिलेश यादव ने जो सोचा उन्होंने उसे पूरा भी करके दिखाया। पर्यटन में आज की तारीख में उत्तर प्रदेश पांचवे स्थान से आगे बढ़कर तीसरे पायदान पर पहुँच गया है। हमारी सरकार की वह नीति कामयाब हुई है। जिसमें धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का अभूतपूर्व काम किया गया है।

इस बार विदेशी पर्यटकों ने उत्तराखंड की बजाय उत्तर प्रदेश के पर्यटक स्थलों को अपनी पहली पसंद बनाया। साथ ही उत्तर प्रदेश ने देश में बेहतर पर्यटन वाले 10 राज्यों की रैकिंग में गोवा और केरल को भी पीछे छोड़ दिया। आंकड़ों के मुताबिक यूपी को 10 राज्यों की सूची में तीसरा स्थान मिला है। जबकि तमिलनाडु को पहला और महाराष्ट्र को दूसरा स्थान मिला है। अगर हम पीआईबी द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2015 के दौरान घरेलू पर्यटकों के आगमन के लिहाज से तमिलनाडु में 3,335 लाख, उत्तर प्रदेश में 2,049 लाख  और आंध्र प्रदेश में 1,216 लाख पर्यटक आये। तो वहीं वर्ष 2015 के दौरान विदेशी पर्यटकों के आगमन के लिहाज से तमिलनाडु में 46.8 लाख, महाराष्ट्र में 44.1 लाख और उत्तर प्रदेश में 31 लाख पर्यटक आये।
ये सब सम्भव हुआ है प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री की बेदाग़ छवि और प्रदेश के मेहमाननवाजी अंदाज से, जिन्होंने प्रदेश में सबको आमंत्रित किया। साथ ही प्रदेश की अखिलेश सरकार ने पर्यटन स्थलों को सुविधाओं से लैस किया है। जिससे पर्यटक खूब आकर्षित हुए। हमारे युवा मुख्यमंत्री ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार-प्रसार के अलावा उन्होंने जमीनी स्तर पर पर्यटकों के ठहरने से लेकर आवागमन की बेहतर व्यवस्था की है। सरकार ने पर्यटन को बढ़ाने के लिए कई कोशिशें की हैं, जिसके परिणाम स्वरूप यूपी में पर्यटकों की संख्या में खासी बढ़़ोत्तरी हुई है।