108 एम्बुलेंस सेवा

अखिलेश सरकार की 108 एंबुलेंस सेवा उत्तर प्रदेश की जनता के लिए वरदान बनती जा रही है। ताजा मामला मेरठ के टीपीनगर है। यहां समय से एंबुलेंस सेवा पहुंचने पर एक गर्भवती और उनकी बच्ची की जान बच गई। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब समाजवादी एंबुलेंस ने समय पर इलाज मुहैया करा कर मरीजों की जान बचाई है।

मेरठ के टीपीनगर की यास्मीन को प्रसव पीड़ा के बाद 108 समाजवादी एंबुलेंस से नजदीकी परतापुर सीएचसी ले जाया जा रहा था। अभी वे जुर्रानपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंची थी कि दर्द बढ़ गया। अच्छी बात यह थी कि एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव की सभी सुविधाएं उपलब्ध थीं। ऐसे में समय रहते यास्मीन की डिलेवरी एंबुलेंस में ही शुरू की गई और सकुशल व सुरक्षित तरीके से प्रसव कराया गया। यह अखिलेश सरकार की ओर से दी गई सुविधाओं का ही नतीजा था कि आज यास्मीन और उनकी बेटी सुरक्षित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में नई क्रांति लाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जब इस एंबुलेंस सेवा का आगाज किया था तभी यह बात तय हो गई थीए उत्तर प्रदेश में अब कोई मां इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगी। आज प्रदेश के हर ग्रामीण इलाके में टोल फ्री नंबर 108 पर कॉल  आते ही महज 20 मिनट में एंबुलेंस पहुंच रही है, वहीं शहरी इलाकों में सिर्फ 10 मिनट में एंबुलेंस उपलब्ध होने से स्वास्थ्य सेवाएं पिछली सरकारों की तुलना में कहीं बेहतर हुई हैं। इस सेवा से 46 लाख गर्भवती महिलाओं और बच्चों को लाभ मिल चुका है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

सोशल समाजवादी यास्मीन और उनकी बेटी के स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना करता है।