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यह विडंबना है कि जघन्य अपराधों के बाद भले ही अपराधी को सजा हो जाए, लेकिन पीड़ित को उसका दर्द लेकर आजीवन जिंदगी बितानी पड़ती है। ऐसा ही अपराध है एसिड अटैक। एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास और उन्हें समाज में सम्मान दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पर बड़ा सवाल यह है कि जो पुरुष एसिड अटैक से पीड़ित होते हैं आखिरकार उन्हें भी तो मदद की जरूरत होती है। अभी तक एसिड अटैक पीड़ित पुरुषों के लिए आर्थिक मदद की कोई योजना नहीं थी। इस बात के महत्व को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने समझा। अब राज्य सरकार एसिड पीड़ित महिलाओं के साथ ही ऐसे पुरुषों को भी आर्थिक मदद देने जा रही है। उम्मीद है कि गृह विभाग से यह मदद दिलाई जा सकती है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं के पुनरोत्थन के लिए महिला कल्याण विभाग में रानी लक्ष्मी बाई महिला सम्मान कोष स्थापित किया है। इसके जरिये सरकार प्रदेश की एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं व बच्चियों को आर्थिक मदद देती है। सरकार इनका मुफ्त इलाज भी करवा रही है। इसके लिए एक नियमावली भी सरकार ने बनाई है। पर अभी तक एसिड पीड़ित पुरुषों के लिए आर्थिक मदद देने का कोई नियम नहीं हैं। इसको लेकर पहले गृह विभाग ने महिला कल्याण विभाग से पुरुषों को भी इसी सम्मान कोष से आर्थिक मदद दिलवाने की पैरवी की थी। हालांकि सरकार अब गृह विभाग को एसिड अटैक पीड़ित पुरुषों को आर्थिक मदद देने के लिए निर्देश देने जा रही है।