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किसी भी लोकतंत्र में विकास की शुरुआत समाज से जुड़ी होती है। जो हर लोकतान्त्रिक सरकार का पहला काम होता है। इस काम में उत्तर प्रदेश की सरकार हमेशा सबसे आगे रही है। प्रदेश की अखिलेश सरकार ने हाल ही में अल्पसंख्यकों को भारी राहत दिया है। सरकार ने गरीब अल्पसंख्यकों की बेटियों की शादी के मुआवजा राशि 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया है।

ये अनुदान उन तमाम गरीब अल्पसंख्यकों के लिए भारी राहत लेकर आया है। जिन्हें अपनी बेटियों की शादी करने में आर्थिक दिक्कतों से रूबरू होना पड़ता था। जिसके लिए इन गरीबों को इधर-उधर से उधार पैसों का इंतजाम करना पड़ता था। जिसके एवज में उन्हें मोटी ब्याज की रकम देनी होती थी। ऐसे में सरकार की इस योजना से इन गरीबों को काफी राहत मिलेगी। पहले जहाँ ये मदद मात्र 10 हजार रुपये थी। लेकिन बढ़ती महंगाई को देखते हुए, अब इस अनुदान राशि को अखिलेश सरकार ने बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी है। इससे अल्पसंख्यकों को किसी से उधार लेने और ज्यादा ब्याज समेत पैसा वापस देने से निजात मिलेगी। ये रकम सरकार बीपीएल कार्ड धारक अल्पसंख्यक परिवारों को देती है। जिनकी आय शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये प्रतिवर्ष है। साथ ही ग्रामीण इलाकों में जिनकी आय 46,080 रुपये प्रतिवर्ष है।

प्रदेश सरकार का ये फैसला वाकई काबिलेतारीफ है। इससे न सिर्फ अल्पसंख्यकों को आर्थिक संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। बल्कि इससे उनके हालात में भी काफी सुधार होगा। साथ ही राज्य में बेटियों के प्रति लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव होगा। जिससे उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा मिलेगा। जो महिला सशक्तिकरण को और मजबूत बनाएगा।