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दुनिया में सभी युगों में गुरु-शिष्य का रिश्ता सबसे पवित्र और अनमोल रही है। एक काबिल और सफल व्यक्ति के जीवन में गुरु का अहम योगदान होता है। बिना गुरु के हम जानकार हो सकते हैं, लेकिन अपनी जानकारी को सही इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। साथ ही गुरु और शिष्य में प्रेम का भी रिश्ता होता है। जो यूपी के देवरिया जिले में दिखा है। देवरिया के गौरीबाजार ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पिपराधन्नी में तैनात एक शिक्षक का अभी हाल ही में तबादला हुआ, तो पूरा गांव दुखी हो गया।

इसकी मुख्य वजह उनकी शिक्षण कार्य के प्रति ईमानदारी का होना और छात्रों के साथ काफी मेल व्यवहार से पेश आना था। गांव वाले भी इस शिक्षक को काफी सम्मान देते थे। इसलिए ग्रामीणों न सिर्फ जुलूस निकाल कर उन्हे विदाई दी। बल्कि अपनी क्षमता के अनुसार उपहार भी दिया। प्रिय गुरु को अपने से दूर जाता देख बच्चे भी रो पड़े। ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी इस विदाई जुलूस में शामिल हुई। गाजीपुर जिले के बभनौली गांव के रहने वाले युवा अवनीश यादव वर्ष 2009 में गौरीबाजार के पिपरा धन्नी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर तैनात हुए थे।

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अवनीश ने अभियान चलाकर शिक्षा के महत्व को अभिवावकों को समझाया। अवनीश की पहल पर सभी ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल भेजने लगे। जिसका प्रभाव दिखने लगा और यहां के बच्चे शिक्षा से जुड़ने लगे। लेकिन अवनीश का तबादला अब उनके गृह जनपद गाजीपुर में हो गया है। गांव में मजदूर वर्ग के लोग अधिक हैं। कुल मिलाकर एक शिक्षक की कड़ी मेहनत ने बच्चों से काम कराने की बजाय उन्हें स्कूल भेजने को प्रेरित किया था। आज के समय में हमें अवनीश जैसे और शिक्षकों की जरूरत है।