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बाराबंकी के पुरवा भूड गांव की रहने वाली छात्रा ने सीएम को चिट्ठी लिखकर बताई थी कि उसके गांव में सड़क बदहाल है और शौचलय नहीं होने से महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छात्रा की लिखी चिट्ठी जैसे ही सीएम तक पहुंची उन्होंने अधिकारियों को रीशू के गांव में विकास कार्यों का खाका तैयार करने का निर्देश दिया। रीशू की इस पहल और मुख्यमंत्री की तत्काल कार्रवाई से अब बाराबंकी के इस गांव की सूरत बदलने वाली है।

मुख्यमंत्री ऑफिस में सोशल मीडिया के प्रभारी जीएस नवीन कुमार बताते हैं कि जब भी सोशल मीडिया पर या मुख्यमंत्री को कोई चिट्ठी लिखता है, उस पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी जाती हैं। खुद मुख्यमंत्री इन चीजों पर लगातार नजर रखते हैं। बाराबंकी जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर उत्तर दिशा में ब्लॉक सूरतगंज के सिवली ग्राम पंचायत की पुरवा भूड निवासी रीशू यादव ने जब अपने गांव की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी को जाने माने गीतकार और समाचार पत्र गांव कनेक्शन के संस्थापक नीलेश मिसरा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की थी। इसके जवाब में सीएम ने डीएम बाराबंकी को मामले की पड़ताल कर रिपोर्ट देने को कहा और देखते-देखते गांव में विकास का खाका तैयार हो गया। अब गांव वाले रीशू और सीएम अखिलेश यादव की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
वैसे ये पहला मामला नहीं है जब मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिये जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाई है। बांदा के किसान देवराज 40 वर्षों से एक पैर से खेती कर रहे थे। सोशल साइट्स के माध्यम से बात मुख्यमंत्री तक पहुंची तो न सिर्फ देवराज को एक पैर लगवाया गया बल्कि पांच लाख की आर्थिक मदद भी दी। नोएडा के सिटी सेंटर के बाहर एक मासूम बच्चा वजन तौलने वाली मशीन लेकर बैठता था क्योंकि उसके पास स्कूल के प्रोजेक्ट के लिए पैसे नहीं थेए बात सीएम तक पहुंची तो उसकी पढ़ाई का पूरा जिम्मा सरकार ने ले लिया। बस्ती में रहने वाली चार साल की मासूम रेनू के सिर में ट्यूमर था। ट्यूमर के भार से उसका सिर पीछे की ओर झुक गया था। सोशल साइट्स से बात लखनऊ तक पहुंची तो मासूम बच्ची का ऑपरेशन करवाया गया। रेनू को नई जिंदगी मिल गई।