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समय के साथ शिक्षा क्षेत्र में बदलाव आए हैं। इस बात को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाखूबी समझा है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर और रोचक बनाने के लिए क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना चलाने की घोषणा की गई है। स्कूली शिक्षा को बेहतर करने की इस योजना को अखिलेश सरकार का एक और अहम कदम माना जा रहा है। 

इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब बच्चों को स्मार्ट क्लास की सुविधा मुहैया करायी जाएगी। क्लीन स्कूल ग्रीन स्कूल योजना के तहत उत्तर प्रदेश के सौ राजकीय बालक और बालिका इंटर कॉलेजों में स्मार्ट क्लास की सुविधा स्थापित की जाएगी। इस योजना के तहत सोलर पॉवर सिस्टम के जरिए सुविधा मुहैया करायी जाएगी। चुने गए सभी स्कूलों के लिए 50 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है। अगले महीने इन सभी स्कूलों को यह धनराशि भेजी जाएगी। 

इस राशि के इस्तेमाल के लिए नियम भी तय किए गए हैं। इस राशि में से 10 लाख रुपये फर्नीचर, 20 लाख रुपये रखरखाव और 20 लाख रुपये स्मार्ट क्लास बनाने में खर्च किए जाएंगे। स्मार्ट क्लासेज के अंतर्गत कक्षाओं में प्रोजेक्टर और कंप्यूटर लगाया जाएगा। यही नहीं बिजली की समस्या से निजात दिलाने के लिए 5 केवीए का सोलर पॉवर सिस्टम लगाया जाएगा। इन जिलों के स्कूलों को चुना गया है उनमें लखनऊ में राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, जीआईसी निशातगंज, जीआईसी हुसैनाबाद, जीजीआईसी इंदिरा नगर, जीजीआईसी सिंगार नगर, जीजीआईसी गोमती नगर, जीजीआईसी शाहमीना रोड। 

रायबरेली में जीआईसी रायबरेली और जीजीआईसी रायबरेली। फैजाबाद में जीआईसी और जीजीआईसी वहीं बाराबंकी में जीजीआईसी में स्मार्ट क्लास होंगी। सुल्तानपुर में जीआईसी, केश कुमारी जीजीआईसी हैं। जबकि अमेठी में जीजीआईसी गौरीगंज, गोंडा में जीजीआईसी। बहराइच में भी जीआईसी और जीजीआईसी में स्मार्ट क्लास होगी। जबकि सीतापुर के जीआईसी में भी स्मार्ट क्लास होगी।