LUCKNOW, INDIA - OCTOBER 18: Seema Punia getting cash award from chief minister Akhilesh Yadav, for winning medals both in the Commonwealth Games and the Asian Games, on October 18, 2014 in Lucknow, India. Other athletes from UP who won medals at the Commonwealth Games and the Asian Games were also felicitated during the ceremony. (Photo by Ashok Dutta/Hindustan Times via Getty Images)

किसी भी प्रदेश या देश के विकास में खेलों का अहम योगदान होता है।  क्योंकि खेल से युवाओं के शारीरिक और मानसिक क्षमता का विकास होता है। साथ ही खेल हमें अनुशासन भी सिखाता है। खेल और खिलाड़ी की उपयोगिता को हमारी प्रदेश सरकार भी बखूबी समझती है। इसके लिए सरकार ने कई कल्याणकारी योजनायें बनाकर खेलों और खिलाड़ियों के विकास पर ध्यान दिया है।

प्रदेश सरकार की बेहतर खेल नीतियों के चलते हमारे खिलाड़ी भी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही में रियो ओलम्पिक के लिए मेरठ की बहू सीमा पुनिया ने क्वालीफाई करके प्रदेश का नाम रोशन किया है। सीमा ने क्वालीफाई मुकाबले में 62.62 मीटर डिस्कस थ्रो फेंकाकर रियो के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया। सीमा का ये प्रदर्शन इस सीजन का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन था। इससे पहले सीमा पुनिया ने 2015 में इंचियोन में आयोजित एशियन खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। हालाँकि सीमा 2004 और 2012 में भी ओलम्पिक खेलों में भाग ले चुकी  हैं।

सीमा पुनिया ने अपने खेल से देश और प्रदेश का नाम रोशन किया। लेकिन प्रदेश की समाजवादी सरकार भी उन्हें प्रोत्साहित करने में पीछे नहीं रही है। सीमा को इंचियोन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर मुख्यमंत्री ने 50 लाख रुपये दिए थे. साथ ही पुनिया को प्रदेश के खेल विभाग ने भी उन्हें 30 लाख रुपये दिए थे. पुनिया को यूपी सरकार ने यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया है। कुल मिलाकर जब से प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार आई है। तब से हर क्षेत्र के साथ-साथ सरकार ने खेलों को भी खूब बढ़ावा दिया है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने प्रदेश के उन सभी खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी का पद देने की घोषणा की है। जो एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ खेलों, ओलम्पिक खेलों और विश्वचैंपियनशिप स्तर पर देश के लिए पदक लायेंगे। इससे पता चलता है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खेलों के विकास के लिए कितने प्रयासरत हैं।