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योजनाओं को अमल में लाने के लिए सिर्फ घोषणा करना ही काफी नहीं होता है, बल्कि हर स्तर पर इस बात को भी समझना महत्वपूर्ण होता है कि उनका जनता को लाभ कैसे मिलेगा और योजनाएं जरूरतमंद व्यक्ति तक कैसे पहुंचेंगी। इस बात को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बखूबी समझते हैं। तभी तो समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना की घोषणा करने के साथ युवा इसका लाभ पा सकें उसकी भी फूलप्रूफ व्यवस्था की। दरअसल इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। अब उद्योग स्थापित करने के लिए पैसे भी जरूरत होती है, इस बात को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री ने योजना के तहत युवाओं को बैंकों से बिना गारंटी के लोन हासिल करने की व्यवस्था दी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पैसे की व्यवस्था होने से एक ओर छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए युवाओं में उनका हौसला बढ़ेगा, वहीं बेरोजगारी दूर होगी और प्रदेश की आमदनी भी बढ़ेगी।

समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना पर तेजी से अमल करते हुए इसकी गाइडलाइन तैयार कर इसकी मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस साल के बजट में इस योजना की घोषणा की थी। इसके लिए 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। इसके तहत हाईस्कूल पास बेरोजगारों को अपना उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की व्यवस्था की गई है। योजना की महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इसमें आवेदन लेने से लेकर प्रस्ताव निरस्त करने की कार्रवाही तय समय के भीतर करनी होगी है। वहीं प्रस्ताव निरस्त करते समय उसका लिखित कारण देना होगा। बैंकों को भी लोन मंजूर होने के एक माह के भीतर पैसा देना होगा। इस तरह से योजना में भ्रष्टाचार और मनमानी रोकने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।

समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना में हाईस्कूल उत्तीर्ण बेरोजगारों को 25 लाख रुपये तक के उद्योग लगाने के लिए लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 6.25 लाख और सेवा क्षेत्र की 10 लाख रुपये तक  की इकाइयों के लिए लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 2.5 लाख रुपये मार्जिन मनी देने का प्रस्ताव है। यूनिट ने यदि दो साल तक सफलतापूर्वक काम किया तो सरकार से मिलने वाली मार्जिन मनी अनुदान में बदल जाएगी। इसके अलावा दो वर्ष तक मार्जिन मनी जमा रहने के दौरान इस पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा। उद्योग की स्थापना के लिए सामान्य श्रेणी के युवकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत और एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक व सभी वर्ग की महिलाओं और नि:शक्तों को 5 प्रतिशत पूंजी का बंदोबस्त अपने स्तर से करना होगा। मार्जिन मनी और अंशदान की पूंजी जोड़कर बाकी पूरी रकम बैंक से ऋण के रूप में मिलेगी।