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पिछले कुछ समय से खासकर केंद्र में जब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता में आई है। बहुत से नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने गाय के नाम पर समाज को मजहब के नाम पर बांटने का काम किया है। इन तमाम नेताओं ने कभी गायों के लिए कुछ भी नहीं किया है। अगर कुछ कभी किया है तो सिर्फ समाज में मजहब के नाम पर दो वर्गों को लड़ाने का काम किया है। वहीं इंसानियत को अपना पहला धर्म मानने वाले शाहजहांपुर के सलमान ने गायों को ठण्ड से बचाने के लिए लगातार मुहिम चला रहे हैं। सलमान ठंड से कांप रही गायों को सर्दी से बचाने के लिए उनके शरीर पर कपड़े पहनाते हैं।

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सलमान का ये गाय प्रेम हिंदू मुस्लिम एकता और इंसानियत का अद्भुत मिसाल है। आज के जमाने जहां लोग इंसानों से लगाव नहीं रखते हैं। वहीं सलमान इन बेजुबानों से बेपनाह मोहब्बत करते हैं। सलमान रोज अपनी पीठ पर एक बैग और साईकिल में कुछ बोरे लगाकर रात के अंधेरे में रोड पर निकल जाते हैं। रोड के किनारे बैठी गायों पर कपड़े डालकर उसे सी देते हैं।

इससे पहले भी सलमान ने कुछ दिन पहले अपने मोहल्ले की रहने वाली गीता देवी के इलाज के लिए भीख मांगे थे। जिसके बदौलत उनका इलाज कराया था। हालांकि गीता देवी की मौत हो गयी थी। सलमान गीता की अर्थी को शमशान घाट तक लेकर गए थे। हालांकि उन्हें इस वजह से अपने ही समुदाय की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। अपने इन्हीं मानवीय कार्यों के लिए सलमान इंसानियत की जीती जगती मिसाल हैं।