jail-m

मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। इसीलिए दुनिया के हर संविधान में मानवधिकार को विशेष तरजीह दी गयी है। ऐसा ही प्रदेश की अखिलेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। जिससे मानवता के लिए बहुत बड़ा सन्देश जायेगा। अब उत्तर प्रदेश के जेलों में कैदी अपने करीबी लोगों से हफ्ते में चार दिन मुलाकात कर सकेंगे। साथ उनके मुलाकात का समय भी दो घंटे से बढ़ाकर चार घंटे कर दिया गया है। प्रदेश के जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने 121 साल पुराने जेल मैनुअल में संशोधन कराने के साथ पैरोल में आने वाली दिक्कतें दूर कराई हैं।

प्रदेश सरकार का मानना है कि जेल यातना गृह नहीं है, बल्कि बंदी सुधार गृह है। इससे सरकार का सन्देश साफ़ है कि वह मानवता को ही सबसे बड़ा धर्म मानती है। इसके लिए भले ही कानून में बदलाव क्यों नहीं किया जाए। अंग्रेजों के जमाने के कानून के चलते बंदियों से मुलाकात, किसी की मौत पर उसके अंतिम संस्कार में जाने में तमाम बाधाएं और खामियां थीं। उत्तर प्रदेश सरकार की इसे दूर करने की कोशिश जारी है। सरकार के इस कदम के चलते एक हफ्ते में बंदी अपने करीबियों के साथ 16 घंटे गुजार सकेगा। ऐसे में सरकार का ये कदम दर्शाता है कि एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए लोगों को यातना देने के बजाय उन्हें सुधारा जाना चाहिए। जिससे एक बार गलती करने वाला व्यक्ति दोबारा से खुद को सुधारकर समाज से जुड़ सके। ऐसा कदम सभी सरकारों को करना चाहिए। जिससे लोग खुद-ब-खुद जुर्म करने के बजाय प्यार और सौहार्द में भरोसा रखें।