upcm tea

असली नेता वही होता है, जो जनता के काफी करीब रहे। उनकी समस्या को जाने-समझे और उसका निराकरण करने को हमेशा तत्पर रहे। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जनता का चहेता मुख्यमंत्री माना जाता है। ये बात उनके व्यक्तित्व पर भी लागू होती है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने कन्नौज के तिरवा में लोगों के साथ चाय की चुस्की लेकर सादगी की मिसाल पेश की। सीएम ने आम लोगों के रास्ते में हाथ देने से अपनी फ्लीट रोक दी। जिसके बाद उन्होंने वहीं पास के होटल से चाय मंगाई और लोगों के साथ चुस्की ली। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारे सीएम को आम जनता के बीच रहना कितना पसंद है।

वहीं पिछली सरकार के सीएम जनता से कोसों दूर रहते थे। लेकिन सीएम अखिलेश अक्सर जनता से सीधे मुखातिब होते रहते हैं। साथ ही वह उनके दुःख-दर्द का निवारण भी तत्काल करते हैं। इस दौरान सीएम ने लोगों का हाल-चाल पूछा और आसपास के गांवों के विकास कार्यों की जानकारी भी ली। इससे पहले भी सीएम उत्तराखंड से वापस लौट रहे थे, तो हाईवे पर रुककर मूंगफली खायी थी। साथ ही रायबरेली से वापस लखनऊ आते वक्त सीएम ने अमौसी के पास एम्बुलेंस को रास्ता देने के लिए अपनी फ्लीट रोक दी थी।

इन सारी बातों और घटनाओं से आप मुख्यमंत्री की सहजता और उनके मानवीय पहलू का अंदाजा आराम से लगा सकते हैं। इसी वजह से प्रदेश की जनता भी अपने इस युवा मुख्यमंत्री को काफी पसंद करती है। उनकी सामाजिकता से ही प्रदेश में आपस में लोगों के बीच भाईचारा और सौहार्द बना हुआ।