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इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता है। किसी भी देश और समाज के उत्थान में इंसानियत अहम किरदार निभाती है। जिससे संतुलित समाज का निर्माण होता है। ऐसा ही नजारा लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर देखने को मिला, जब एक भूखे निशक्त आदमी को चौराहे पर तैनात सिपाहियों ने देखा तो वह उनके पास गये। उस भूखें व्यक्ति को सिपाहियों ने केला खिलाया। तब जाकर उस व्यक्ति को थोड़ी राहत मिली।

इस घटना में न तो किसी की जाति आड़े आयीं न ही किस का धर्म, इसमें झलक दिखी तो इंसानियत की। उत्तर प्रदेश पुलिस के बारे कहने वाले लोग कुछ भी कह देते हैं। लेकिन हमारे इन नौजवानों का के चेहरा ये भी है। जो ये दर्शाता है कि यूपी पुलिस कितनी संवेदनशील है। नागरिकों की सेवा में तैनात जवानों के अंदर भी एक इन्सान होता है। जिसमें समाज के प्रति संवेदना होती है।

यूपी में जब से समाजवादी सरकार बनी है तब से यूपी पुलिस काफी संवेदनशील होकर काम कर रही है। आम जनता भी पुलिस के ऐसे कामकाज से काफी प्रभावित हुई है। वैसे आज के समय में हम सभी लोगों को एक दूसरे में बिना भेदभाव किये लोगों की मदद करनी चाहिए। क्योंकि एक बेहतर समाज के निर्माण हम एक दूसरे की मदद से ही कर सकते हैं।