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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बच्चों को एक बड़ा तोहफा देने का निर्णय लिया है। अब गर्मी की छुट्टी के दौरान भी उन्हें मिड-डे मील मिलेगा। जी हां! मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र और प्रदेश के सूखाग्रस्त 50 जिलों को परिषदीय स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों के दौरान मिडडे मील मुहैया कराने को कहा है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूर करते हुए परिषदीय स्कूलों में 21 मई से 30 जून तक मिड-डे मील उपलब्ध कराने की मंशा जताई गई है।

गर्मी में बच्चों को मिडडे मील सुबह 8 से 9:30 बजे के बीच ही उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे भोजन खराब न हो और बच्चरों की सेहत पर भी प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।  इस दौरान स्कूल में कार्यरत कुल शिक्षकों की संख्या के आधार पर प्रति कार्यदिवस एक अध्यापक को रोटेशन के आधार पर मध्याह्न भोजन की निगरानी का दायित्व सौंपा जाएगा। चूंकि एक स्कूल में औसतन तीन शिक्षक हैं, इसलिए ऐसी व्यवस्था करने पर एक शिक्षक को महीने में अधिकतम 10 दिन ही मिड-डे मील की निगरानी की जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित मध्याह्न भोजन योजना की प्रबंधकारिणी समिति सूखाग्रस्त जिलों के लिए 150 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। योजना के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने भी सूखाग्रस्त जिलों में गर्मी की छुट्टी के दौरान मिड-डे मील देने के प्रस्ताव पर सहमति जता दी है।
इन जिलों में बांटी जाएगी मिड-डे मील

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कानपुर नगर, लखनऊ, देवरिया, मैनपुरी, महाराजगंज, आगरा, औरैया, पीलीभीत, अमेठी, महोबा, रायबरेली, कुशीनगर, कानपुर देहात, कौशांबी, फतेहपुर, अंबेडकरनगर, भदोही, सोनभद्र, सुलतानपुर, मीरजापुर, बलिया, सिद्धार्थनगर, शाहजहांपुर, बांदा, प्रतापगढ़, चंदौली, इटावा, बस्ती, बागपत, जौनपुर, फैजाबाद, गोंडा, कन्नौज, बाराबंकी, संत कबीर नगर, झांसी, जालौन, गोरखपुर, हाथरस, एटा, इलाहाबाद, गाजियाबाद, फरुखाबाद, मऊ, उन्नाव, रामपुर, हमीरपुर, ललितपुर, चित्रकूट और बलरामपुर।