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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ मेट्रो महिला सशक्तिकरण की पहचान बनेगा। इसमें पुरुषों के साथ-साथ 20 प्रतिशत महिलाएं भी भर्ती की जाएंगी। यानी लखनऊ मेट्रो के सभी प्रोजेक्ट में महिलाओं को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। एक और अच्छी बात यह है कि ट्रेन संचालन के लिए तैयार हो रहे 97 स्टेशन कंट्रोलर कम ट्रेन ऑपरेटर (एससीटीओ) में से 21 युवतियां होंगी। इनकी भर्ती प्रक्रिया भी पूरा हो गई हैं।

लखनऊ मेट्रो ट्रेन के संचालन के लिए चयनित युवतियों में से 19 उत्तर प्रदेश की ही है। इन स्टाफ की जिम्मेदारी स्टेशनों के नियंत्रण के अलावा ट्रेनों के संचालन की होगी। इसलिए इन युवतियों को चार महीने ट्रेन संचालन की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें से चार हफ्तों की ट्रेनिंग दिल्ली मेट्रो में होगी। लखनऊ मेट्रो के एमडी केशव कुमार ने बताया कि युवतियों की ट्रेनिंग के लिए दिल्ली मेट्रो से अनुबंध भी हो गया है। यह प्रशिक्षण चलती मेट्रो ट्रेन के अलावा ठेकेदार कंपनी के बनाए मॉडल में भी दिया जाना है। इससे स्टाफ ज्यादा अच्छे से ट्रेन का संचालन कर सकेगा।

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कुमार केशव ने बताया कि स्टाफ पूरी तरह युवा है। इनकी अधिकतम उम्र ही अभी 28 साल है। ज्यादातर को कोई पूर्व अनुभव नहीं है। लेकिन, इनसे कोई गलती नहीं हो। इसके लिए भी जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि ट्रायल के समय भी ढ़ाई महीने के बीच इनका प्रशिक्षण होगा। इसमें भी ट्रेन संचालन के तरीके यह स्टाफ सीखेगा, क्योंकि लखनऊ मेट्रो ट्रेन ऑटोमेटिक है। वहीं किसी भी हादसे या यात्रियों के आत्महत्या के प्रयास से बचने के लिए भी इनको प्रशिक्षित किया जाएगा।