Janta-Thana

कहते हैं जागरूकता से इन्सान को फैसले लेने में आसानी होती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में बढ़ती जागरूकता से प्रदेश का विकास हो रहा है। इसका असर अब दिखने लगा है। जितनी जनता जागरूक होगी उतने ही अच्छे सरकार तरीके से सरकार भी काम कर पायेगी। जागरूकता का एक बड़ा उदाहरण हम आपको बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में देश का पहला जनता थाना खुला है। इस जनता थाने की खासियत यह है कि यह थाना जनता के लिये जनता के द्वारा ही संचालित होगा।

आमतौर पर ये देखा गया है, कि थाना जैसी प्रशासनिक जिम्मेदारी प्रदेश सरकार के पास रही है। लेकिन लोगों को जागरूक बनाने और गैर जरुरी वाद-विवाद से रोकने के लिए कई आम नागरिकों ने मिलकर इसका संचालन शुरू किया है। इस थाने को जनता ही संचालित करेगी, साथ ही थाने में रोज अलग-अलग जनाध्यक्ष की ड्यूटी लगायी जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता गुल्लू सिंह के अनुसार छोटी-छोटी जनसमस्याओं में भी लोगों को सालों तक पुलिस के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसलिए जनता थाने के खुलने के बाद लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी। जनता थाने में लोग अपनी शिकायतें ऑनलाइन भी भेज सकेंगे। जिसके बाद मामले की जांचकर शिकायतकर्ता के पास जवाब भेज दिया जायेगा।

इसके साथ ही थाने पर आने वालों की समस्याओं को दर्ज करने से पहले सही गलत की प्रारंभिक जानकारी दी जाएगी। शिकायतकर्ताओं को शिकायत के वक़्त आईडी प्रूफ लाना अनिवार्य होगा। देश के पहले जनता थाने का उद्घाटन 101 वर्षीय महंत कृष्णानंद ने किया। कुल मिलाकर इस जनता के थाने का मकसद आम नागरिक को सही और गलत में फर्क और उसके परिणाम से रूबरू करवाना है। जिससे लोग जागरूक हों और बेवजह के मुकदमों से बच सकें। इससे समाज में भाईचारा और खुशहाली आएगी।