स्वस्थ, खुशहाल और स्वावलम्बी महिलाओं से ही उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ सकता है। उत्तर प्रदेश की आधी आबादी को आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने में सहयोग देने में समाजवादी सरकार गम्भीरता से काम कर रही है, क्योंकि हमारा मानना है कि स्वस्थ एवं साक्षर परिवार ही प्रदेश की असली पूंजी है।

– अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कहे इन शब्दों से उनकी महिलाओं की बेहतरी की मंशा भी स्पष्ट होती है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए वूमेन पावर लाइन 1090 और उनकी सेहत के लिए चलाई गईं एम्बुलेंस सेवाओं 108 और 102 की सफलता के बाद मातृ शक्ति का सम्मान करते हुए अब उन्होंने गर्भवती महिलाओं को पका-पकाया भोजन मुहैया करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश सरकार गर्भवती महिलाओं को रोज दोपहर का भोजन, फल, दूध और आयरन की गोलियां देगी। यह पूरी तरह निःशुल्क होगा। 6 वर्ष से कम और कुपोषित बच्चों को भी दोपहर का भोजन, फल और दूध दिया जाएगा। यह योजना इंटीग्रेटिड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसिज (आईसीडीएस) के तहत चलाई जाएगी। योजना हौसला परियोजना के अधीन होगी। इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। भोजन पकवाने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी और वितरण में आगनबाड़ी कार्यकर्ता का सहयोग होगा।

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इतना ही नहीं, कैलोरी एवं प्रोटीन की कमी दूर करने के लिए और एनीमिया से उन्हें छुटकारा दिलाने के लिए महिलाओं की नियमित जांच कराई जाएगी और संस्थागत प्रसव कराया जाएगा। अतिकुपोषित बच्चों को 20 ग्राम प्रति लाभार्थी प्रति दिन देशी घी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दुग्ध विकास विभाग व पीसीडीएफ द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जाएगी। भोजन पकाने हेतु मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्राथमिक विद्यालय के रसोईघर एवं अन्य अवस्थापना सुविधाओं का इस्तेमाल किया जाएगा। यह सबकुछ हौसला फीडिंग कार्यक्रम के तहत किया जाएगा। अखिलेश सरकार की इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी बल्कि उनकी सेहत में भी सुधार होगा और तो और बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री की ये योजना स्वस्थ और सफल उत्तर प्रदेश के निर्माण में भी अहम साबित होगी।