medical student

कहते हैं राजनीति में इच्छाशक्ति की बहुत बड़ी जरूरत होती है। इसके ताज़ा उदाहरण यूपी के सीएम अखिलेश यादव हैं। जिन्होंने बीते दिनों मेडिकल की तयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद उम्दा निर्णय लिया है। इससे उनके प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने का रास्ता साफ़ हो गया है। सीएम अखिलेश ने घोषणा की है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में अब आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज जितनी फीस देनी होगी। इस तरह अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में युवाओं को 36 हजार रुपये सालाना फीस चुकानी होगी।

सीएम अखिलेश के इस एतिहासिक फैसले से उन युवा मेधावी छात्रों को फायदा होगा। जो गरीब परिवार से ताल्लुक रहते हैं। जिनके परिवार की स्थिति अच्छी नहीं है। फिर भी उनका सपना डॉक्टर बनने का है तो अब उनकी आर्थिक स्थिति आड़े नहीं आएगी। साथ ही सीएम अखिलेश ने लम्बे समय से चले रहे आ रहे निजी मेडिकल कॉलेजों की मनमानी फीस पर लगाम भी दी है। इनमें दाखिला NEET के जरिए होगा। प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व बीडीएस की कुल 5400 सीटें हैं।

इसके अलावा अखिलेश सरकार ने बाकी बची आधी सीटों की भी फीस तय कर दी है। इन आधी एमबीबीएस सीटों की फीस 18 से 20 लाख रुपये सालाना होगी। इसके अलावा निजी मेडिकल कॉलेजों में बीडीएस की आधी सीटों पर चार से पांच लाख रुपये सालाना फीस देनी होगी। कुल मिलाकर सीएम अखिलेश का ये निर्णय जनता की भलाई से जुड़ा है। इससे पारदर्शिता की बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के हर तबके को मेडिकल की शिक्षा लेने में आसानी हो जाएगी।