akhilesh teacher

किसी भी समाज में नई चेतना लाने के लिए शिक्षा सबसे अहम हथियार है। इसके अलावा शिक्षा से ही विकास की कहानी लिखी जा सकती है। इस बात को हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भलीभांति समझते हैं। इसलिए उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 16,448 सहायक अध्यापकों को नियुक्त करने का फैसला लिया है। इससे न सिर्फ प्रदेश के पात्र युवाओं को रोजगार मिलेगा, साथ ही प्रदेश की बेसिक शिक्षा में बहुत बड़ा सुधार भी होगा।

सीएम ने इन पदों को 26 अगस्त तक भरने के आदेश दिए हैं। काउंसलिंग के लिए विज्ञापन 8 अगस्त को जारी होगा। पहली काउंसलिंग 16, 17 अगस्त और दूसरी 24 अगस्त को होगी। 30 जून से 15 जुलाई के बीच ऑनलाइन आवेदन कर चुके कैंडिडेट्स को काउंसलिंग में मौका मिलेगा। इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों का चयन करके उन्हें शिक्षक की नियुक्ति मिल जाएगी। मुख्यमंत्री का ये कदम वाकई उनकी शिक्षा नीति को दर्शाता है। वह चाहते हैं कि प्रदेश का कोई भी बच्चा निरक्षर न रहे। इसके लिए उन्होंने पहले शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के तौर स्थायी किया। जिसके लिए बहुत सारी बाधाओं का भी उन्होंने जमकर मुकाबला किया था।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि अखिलेश सरकार सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के किसी भी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं रखना चाहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए। उन्होंने बड़ी संख्या में शिक्षक भर्ती निकाली है। इस पहल से प्रदेश की शिक्षा में मूलभूत सुधार होगा। साथ ही हर बच्चा पढ़ लिखकर प्रदेश को तरक्की की राह पर ले चलने में सहयोगी बनेगा।