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कहते हैं प्रतिभा हर व्यक्ति में होती है, बस उसे मौका मिलना चाहिए। जब प्रतिभावान व्यक्ति को मौका मिलता है। तो वह अपनी प्रतिभा का लोहा जरूर मनवाता है। उत्तर प्रदेश के वैज्ञानिक डॉ शिव बालक मिश्र इस बात के सटीक उदाहरण हैं। डॉ एसबी मिश्र द्वारा खोजे गए (जीवाश्म) न्यूफाउण्डलैण्ड (कनाडा) के मिस्टेकेन प्वाइन्ट को यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित हुई है। उनकी इस सफलता पर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एसबी मिश्र की इस सफलता ने प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है और उत्तर प्रदेश को उनकी इस कामयाबी पर गर्व है।

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इस खोज ने पृथ्वी के इतिहास के सम्बन्ध में तमाम सवालों के उत्तर प्राप्त करने में सहायता की है। यूनेस्को द्वारा इसे वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किए जाने से इसकी मान्यता बढ़ी है। इस साइट को वर्ष 1987 में इकोलाजिकल रिजर्व घोषित किया गया था।

डॉ एसबी मिश्र लखनऊ से प्रकाशित होने वाले दैनिक ‘गांव कनेक्शन’ के प्रधान सम्पादक हैं। मिश्र का जन्म सन् 1949 में बाराबंकी जनपद के देवरा ग्राम में हुआ था। डॉ मिश्र विदेश छोड़कर अपने गांव वापस लौटे और उन्होंने वहां पर भारतीय ग्रामीण विद्यालय की स्थापना कर उसका संचालन कर रहे हैं। जिससे गाँव के गरीब बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा मिल रही है। जिससे वहां के लोगों के जीवन में बदलाव आया। उत्तर प्रदेश के लोग इसी तरह देश और विदेश में प्रदेश का मान बढ़ाते रहें। सोशल समाजवादी की यही कामना है।