sandhya and anjali

कहते हैं अगर किसी काम को करने के लिए आप संकल्पित हो गये हैं, तो सफलता आपके कदमों में होगी। इसके लिए जरूरत है तो मजबूत इरादों की। कुछ ऐसे ही जज्बे की धनी उत्तर प्रदेश की ये बेटियां संध्या और अंजलि हैं। जो अब अपने बुलंद हौसलों से रेल डिवीजन फिरोजपुर में ट्रेन दौड़ाएंगी। संध्या और अंजलि की ट्रेन पायलट (लोको पायलट) के तौर पर नियुक्ति हुई है। ये दोनों क्रमश: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और नोएडा की रहने वाली हैं। इनकी ट्रेनिंग पूरी हो गयी है।

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इलेक्ट्रॉनिक्स से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद संध्या और अंजलि ने चंदौसी, तुगलकाबाद और गाजियाबाद से ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग हासिल की। इन्हें जल्द ही लुधियाना में नियुक्ति मिलेगी। हैरानी की बात ये है कि तकरीबन 268 लोको पायलटों में सिर्फ दो लड़कियां हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन बेटियों ने यूपी का नाम रोशन किया है। ख़ास बात ये इन दोनों लड़कियों का सपना था कि वह ट्रेन की ड्राईवर बने। साथ ही इन्होंने निश्चय किया था कि वह अपने सपने को धरातल पर जरुर लायेंगी। आज जब उनका सपना पूरा हो गया है। तो उन्हें इसकी अपार ख़ुशी भी है।

संध्या और अंजलि के जज्बे ने ये साबित कर दिया है कि दुनिया में कुछ भी कठिन नहीं है। बस हमें अपने सपने को जिंदा रखना चाहिए। साथ ही इसे पूरा करने के लिए हमें लगातार कठिन परिश्रम करना चाहिए। इसके अलावा ये दोनों बेटियां महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं। जिनसे हमें जरुर सीखना चाहिए।