“इंसान जो सोच सकता है, उसे वह हकीकत में हासिल भी कर सकता है।” अखिलेश यादव

sanjay singh

उत्तर प्रदेश अगर आज विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है, तो इसके पीछे सीएम अखिलेश की जन कल्याणकारी नीतियाँ रहीं हैं। इसके बाद यहाँ के लोगों की सोच में भी बदलाव आया है। जिससे सरकार के जनता के कदम भी विकास के साथ कदमताल मिला चुके हैं। इन्हीं में से एक नाम युवा सामाजिक कार्यकर्त्ता संजय सिंह का है। जो बुन्देलखण्ड के भागीरथ साबित हुए हैं। उनके इस काम का इनाम अब उन्हें प्रदेश सरकार सम्मानित देने जा रही है। बुंदेलखंड के दुर्गम इलाकों में संजय सिंह ने भूजल संरक्षण का काम किया है।

संजय सिंह का जन्म बुंदेलखंड के जालौन जिले में हुआ था। उन्होंने सेना में अपने चयन को इसलिए ठुकरा दिया था क्योंकि बुन्देलखण्ड की सूखी जमीन में दोबारा से निर्मल धारा बहाने का काम करना था। इसलिए उन्होंने जनसहयोग से जल संरक्षण का काम शुरू कर दिया। संजय सिंह इस काम में बीते 25 साल से लगे हुए हैं। उन्होंने चंदेल कालीन तालाबों को नया जीवन देने में अहम योगदान दिया है। इसके अलावा जल सहेलियों के अभिनव प्रयोग से बुन्देखंड के तालाबों को बचाने के लिए संजय सिंह विशेष कार्य रहे हैं।

संजय सिंह ने वर्ष 2002 के भयंकर सूखे के समय पूरे बुंदेलखंड में यात्रायें की। उन्होंने आपदा निवारक मंच की स्थापना की। जिसके जरिये उन्होंने समाज के बुद्धिजीवी वर्ग को जोड़ा और ग्रामीणों का बड़ा संगठन भी खड़ा किया। जन सहयोग से उन्होंने कई छोटे चेक डैम और नालों का निर्माण कराया। जिससे बुंदेलखंड में खेती की राह सुगम हो गयी। उनकी इस काम को बढ़ावा देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए यूपी सरकार उन्हें सम्मानित करने जा रही है।