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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दरियादिली का एक और उदाहरण सामने आया है। अम्बेडकर नगर जिले के टांडा तहसील क्षेत्र में एक दलित परिवार के 6 बच्चे और उनकी मां विद्या कुपोषण की शिकार हो गई थी। विद्या और उसके सबसे छोटे 2 साल के बेटे  की हालत तो बेहद गंभीर हो चुकी थी। सोशल मीडिया, न्यूज चैनल और वेबसाइट के मार्फत जैसे ही खबर सीएम अखिलेश यादव के संज्ञान में आई, उन्होंने स्थानीय प्रशासन को पीड़ित परिवार को तत्काल भोजन और चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया। वहीं लापरवाही पर सख्ती करते हुए आंगनबाड़ी की मुख्यसेविका के खिलाफ कार्रवाई का आदेश भी दिया।

पीड़ित परिवार का मुखिया मनीराम उर्फ शंकर मानसिक रूप से कमजोर है, जो कभी कमा पाता है और कभी नहीं। गरीबी और आय का कोई स्रोत नहीं होने से परिवार के आठ सदस्य अक्सर भूखे ही रहते थे। दुर्भाग्य यह है कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही से पात्र होने के बावजूद इस परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। परिवार की स्थिति की सूचना मिलते ही सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिया। जिसके बाद तत्काल मौके पर एसडीएम पंकज और सीओ सुधीर ने पहुंच कर पीड़ित परिवार के लिए भोजन के लिए अनाज का इंतजाम कराया और विद्या और उसके 2 साल के मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराने के लिए भिजवा  दिया। इसके साथ ही परिवार को प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलवाया गया है। सरकार ने इस परिवार को इंदिरा आवास का मकान भी दिया है। सीएमओ डॉ. गंगाराम चंद्रा ने बताया कि महिला और बच्चों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। एसडीएम टांडा पंकज ने बताया कि महिला के परिवार के नाम से राशनकार्ड जारी है। सुनिश्चित किया जा रहा है कि परिवार को जरूरी योजनाओं का लाभ मिले। इस बारे में लेखपाल से भी रिपोर्ट तलब की जा रही है।