242

 

सीएम अखिलेश यादव अपने नई सोच और काम करने के नए तरीकों से हर दिन उत्तर प्रदेश को एक ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने काम करने के अंदाज को लेकर न सिर्फ पूरे प्रदेश बल्कि सारे देश में भी बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं। राजनीति करना अलग बात है और राजनीति के साथ-साथ आम जनता के विकास के लिए काम करना अलग बात है। लेकिन सीएम अखिलेश यादव ने खुद को उन नेताओं से अलग किया है। जो सिर्फ जुमलेबाजी करके या बड़ी-बड़ी बातें करके जनता को भ्रम में रखते हैं। उन्होंने किसानों के लिए कई जीवनदायिनी योजनायें चलाई हैं।

मुफ्त सिंचाई योजना
244

 

उत्तर प्रदेश में ज्यादातर किसान बारिश या फिर नहर के पानी के भरोसे खेती करते हैं। इसलिए सीएम अखिलेश ने यूपी के सभी खेतो वाले क्षेत्रों में पानी समय से पहुंचे इसके लिए नहरों को साफ़ सुथरा करवाया। उसके बाद पूरे प्रदेश के किसानों का 700 करोड़ रुपये का आबपाशी शुल्क माफ़ कर दिया। जिससे प्रदेश के 256 लाख किसानों को लाभ मिला।

किसानों का कर्जा किया माफ़

243

सत्ता में आने से पहले सीएम अखिलेश ने किसानों का कर्ज माफ़ करने के लिए कहा था। ये वादा उन्होंने सत्ता में आते ही पूरा भी कर दिया। सहकारी बैंक से कर्ज लेने वाले सभी किसानों का कर्जा सीएम अखिलेश ने माफ़ कर दिया। इससे तकरीबन 8 लाख किसानों को लाभ मिला।

किसानों का बीमा

245

सीएम अखिलेश को यूं ही संवेदनशील नहीं कहा जाता है। किसानों का विकास उनकी प्राथमिकता रही है। इसलिए उन्होंने प्रदेश के ढाई करोड़ किसानों का अबतक दुर्घटना बीमा करवाया है। जिससे कोई भी अप्रिय घटना हो तो किसान के परिजनों को 5 लाख रुपये मिलते हैं।

किसान बाज़ार/किसान मंडी

246

किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से बड़े शहरों में एग्रीमाल की तर्ज पर 2 से 10 एकड़ भूमि का चयन कर उनपर किसान बाजार के नाम से बाजार विकसित किये जा रहे हैं। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे ओद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बाबा रामदेव का पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड बनने जा रहा है। पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क प्राइवेट लिमिटेड के तहत करीब 90000 लोगों को इससे रोजगार मिल पाएगा।

खलिहान दुर्घटना योजना

241

किसानों के खलिहान में आग लगने की स्थिति में मण्डी परिषद द्वारा इस योजना के तहत जोत सीमा के आधार पर न्यूनतम 15,000 रुपये और अधिकतम 30,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। खड़ी फसल को भी अग्निकाण्ड दुर्घटना योजना के अन्तर्गत शामिल किया गया है। इस योजना के तहत 2012 से नवंबर 2015 तक 17880 किसानों को मदद पहुंचाई जा चुकी है।