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भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में मनुष्य को फुर्सत लेने का समय भी चाहिए होता है। क्योंकि इंसान को लगातार काम करते रहने की वजह से अपनी थकान को दूर भगाना भी जरूरी होता है। इसी बात को समझते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क का निर्माण कराया है। ये पार्क पत्थर के पार्कों से इसलिए जुदा है। क्योंकि इस पार्क में आने पर आपको बेहद सुकून मिलेगा खासकर गर्मियों यहाँ पेड़ों की हरियाली में लोगों को काफी राहत मिलती है। एशिया के सबसे बड़े पार्क कहे जाने वाले जनेश्वर मिश्र पार्क में 26 जुलाई यानी आज से लोग पैडल बोट का मजा भी ले सकेंगे।

लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी खूब पसंद आ रहा है। बोटिंग में 20 रुपए खर्च करके 20 मिनट तक पैडल बोट का मजा लिया जा सकेगा। ये पैडल बोट सरकार ने कनाडा से मंगायी है। पहले जनेश्वर मिश्र पार्क में करीब ढाई करोड़ की लागत से बनी गंडोला नाव मंगाई गई थी।  हर गंडोला का किराया 16 लाख रुपए है। पार्क में करीब 10 गंडोला हैं, जिन्हें चीन से मंगाया गया है। ये पेरिस के वेनिस की तर्ज पर यहां पर चलाई जानी हैं।

इस पार्क में न केवल 4 किमी लंबी झील बनाई गई है, बल्कि यहां पर बच्चों के लिए किड्स जोन, ओपन जिम, प्रदेश का सबसे ऊंचा तिरंगा, टैंक और फाइटर जेट भी लगाया गया है। फिलहाल पार्क में जाने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है। पार्क की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार के दिन इस पार्क में जाने वाले लोगों की भीड़ 1 लाख तक पहुंच जाती है। कुल मिलाकर सीएम अखिलेश द्वारा बनाये गये इस पार्क में लोगों को आकर खासा सुकून मिलता है। इस तरह अब पैडल बोट के चलाये जाने से यहाँ आने वाले लोगों को आनन्द मिलेगा।