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हम भारतवासी अपनी अनेकता में एकता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख और ईसाई यहां एक दूसरे को भाई मानते हैं। इसी भाईचारे की मिसाल हाल ही में अयोध्या में देखने को मिली। अयोध्या की जमीन पर हिंदू और मुस्लिम भाइयों ने यहां भाईचारे का एक नया पैगाम दिया है। ये सौहार्द 300 साल पहले बनवाई गई और अब जर्जर हालत में आलमगीर मस्जिद का पुनर्निर्माण कराने में देखा गया। इस मस्जिद पुनर्निर्माण हनुमानगढ़ी मंदिर ट्रस्ट ने कराने का निर्णय लिया है।

हनुमानगढ़ी मंदिर ट्रस्ट मस्जिद बनने में आने वाले खर्च को भी वहन करेगा। इसके साथ ही ट्रस्ट ने मुस्लिम भाइयों को अपने दायरे में नमाज अदा करने के लिए न्यौता भी दिया। 17वीं शताब्दी में इस मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के ही एक सेनापति ने कराया था। जिसके कारण इसका नाम आलमगीर रखा गया। मस्जिद की जमीन को 1765 में इस शर्त पर हनुमानगढ़ी मंदिर ट्रस्ट को दान दे दी गई कि नमाज मस्जिद में पहले की ही तरह होती रहेगी।

मंदिर के महंत ज्ञानदास ने मुस्लिम भाइयों से मस्जिद निर्माण का काम कराने को कहा है। महंत ज्ञानदास हर साल रमजान के पवित्र महीने में अयोध्या के मुसलमान भाइयों के लिए इफ्तार का भी आयोजन करते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। हम सभी प्यार से रहना जानते हैं। आज वक्त की मांग भी है कि हमें धर्म के नाम पर एक दूसरे से लड़ना-झगड़ना नहीं चाहिए।