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कहते हैं, मंजिल तक पहुँचने के लिए रास्ते भले अनजाने और दूर हो सकते हैं। लेकिन अगर हौसला है मंजिल तक पहुँचने का तो रास्ते तो समुंदर में भी बन जाते हैं। ये कहानी दलजीत की है, जिनके हौसलों में था दम और चट्टान सरीखा उनका विश्वास। उनके प्रयास को तब आकार मिल गया, जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की योजना से उनकी मंजिल आसान हो गयी। सीएम अखिलेश की कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश के तमाम युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप जीविकोपार्जन के अनेकों साधन उपलब्ध हुए हैं। खुद सीएम अखिलेश की यह सोच है कि रोज़गार-वृद्धि से ही उत्तर प्रदेश का समग्र विकास हो सकता है।

हरदोई के रहने वाले दलजीत सिंह सांगवान की कहानी किसी प्रेरणास्रोत से कम नहीं है। दलजीत सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा कुक्कुट योजना से जुड़कर रोज़गार के अवसर तलाशना शुरू किया। जिसके अंतर्गत शुरुआत में चार यूनिट की 30,000 लेयर में मुर्गी पालन का कार्य सीतापुर रोड स्थित, कुइया गाँव से शुरू किया। 90,000 मुर्गियों से इस यूनिट में प्रति दिन 74,000 अण्डों का उत्पादन शुरू हुआ। जिसमें बची हुई 30,000 मुर्गियां अगले 3-4 महीने में अंडे देने लगीं। कुक्कुट योजना जैसी प्रेरणास्रोत योजनाएं उन प्रगतिशील व्यक्तियों के लिए अत्यधिक कारगर साबित होती हैं, जो अपनी मिट्टी में रहकर एवं इसी से जुड़ कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

दलजीत जैसे तमाम युवा आज यूपी में खुद का रोजगार स्थापित करके अन्य लोगों को रोजगार देने का काम कर रहे हैं। इससे प्रदेश में प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक और अप्रत्यक्ष रूप से सांस्कृतिक विविधता को भी बढ़ावा मिल रहा है।