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उत्तर प्रदेश में साल 2012 से पहले बेरोजगार युवाओं के हाथ में कोई काम नहीं था। युवाओं की उर्जा नष्ट हो रही थी। बसपा सरकार पूरी तरह से युवाओं को हाशिये पर कर दिया था। साल 2012 में ओजस्वी और नौजवान चेहरा अखिलेश यादव का उदय हुआ। क्रांति रथयात्रा पर सवार होकर जब अखिलेश यादव ने युवाओं को विश्वास दिलाया कि अगर उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो वह युवाओं को उनकी क्षमता के मुताबिक रोजगार मुहैया करायेंगे। अखिलेश यादव यूपी के सीएम बने और उन्होंने युवाओं के हुनर को कौशल विकास मिशन के जरिये विकसित किया। जिसके जरिये प्रदेश के तकरीबन 2 लाख युवाओं को नौकरी मिल चुकी है। साथ ही इस योजना के तहत 23 लाख युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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सीएम अखिलेश की इस योजना का पहले भारत सरकार और अब यूनेस्को ने भी लोहा माना है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में उत्तरप्रदेश को कौशल विकास मिशन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए यूनेस्को की ओर से सम्मानित किया गया। इससे यह बात और पुख्ता होती है कि उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाकर उनके भविष्य के प्रति बेहद संजीदगी के साथ लगातार काम कर रही है। सबसे ज्यादा आबादी वाले इस प्रदेश में बेरोजगार पैदा करने के लिए अखिलेश सरकार ने एचसीएल, मारुति सुजुकी, लावा, सैमसंग और कई बड़ी कंपनियों से करार किया है। ये कंपनियां यूपी के कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार देंगी।

अखिलेश यादव की इस बार रथयात्रा का लक्ष्य है, विकास से विजय की ओर, जिसके जरिये सीएम अपने विकास कार्यों का रिपोर्टकार्ड जनता को बतायेंगे। साथ ही जनता से अपने विजय की कामना भी करेंगे। वैसे यूपी की जनता ने जितना प्यार सीएम अखिलेश को दिया है। उतना किसी भी सीएम को इससे पहले नहीं मिला है। क्योंकि उन्होंने बातें नहीं की है, उन्होंने काम करके दिखाया है। आज के समय में उनका काम बोल भी रहा है। जो प्रदेश के ऐतिहासिक विकास को दर्शाता है।