Hindi Story SS_2

महाराष्ट्र और बुंदेलखंड में सूखे की स्थिति को जानने के बाद अब पूरा देश ही पानी के संरक्षण के प्रति जागरूक हो चुका है। सभी अपनी ओर से पानी के हर संभव स्रोतों को बचाने की जुगत में लगे हुए हैं। गांव से लेकर शहर तक कई लोग तो खुद ही फाबड़े लेकर जलाशयों-तालाबों को फिर से जिंदा करने में जुट गए। ऐसे में उनके दिल में एक इच्छा दबी थी कि अगर सरकार भी उनका सहयोग दे तो इस काम में उन्हें अवश्य सफलता मिलेगी। और हुआ भी ऐसा ही। बात हो रही है मथुरा जनपद की। बिना किसी आवेदन या मांग के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां के लोगों की मंशा को समझ लिया और कोई शोर-शराबा किए बिना यहां 50 तालाब खुदवा डाले। अब लक्ष्य 245 तालाब खोदने का है। जल संरक्षण के प्रति जागरूक लोगों ने जब जहां तालाबों को पुनर्जीवित करने की ठानी तो उनकी लगन और सदिच्छा को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां तालाबों को खोदने का काम जिला विकास अभिकरण विभाग को सौंपा। साथ ही निर्देश दिया कि यहां नए तालाबों की खुदाई के साथ-साथ पुराने तालाबों को और गहरा और चैड़ा किया जाए।
इस काम के जरिये अखिलेश सरकार ने जनता को दोहरा लाभ देने की ठानी। एक तो तालाबों को नया जीवन देकर लोगों की पानी की समस्या दूर की जा रही है, वहीं खुदाई के काम को मनरेगा से जोड़ कर मजदूरों को रोजगार भी मुहैया कराया जा रहा है। बात सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। काम में पारदर्शिता रहे और खुदाई काजगी न हो, इसलिए मुख्यमंत्री ने काम की गवाही के लिए उसकी फोटो करवाने का भी निर्देश दिया है। यह बताता है कि कैसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हर क्षेत्र के समग्र और पारदर्शी विकास के लिए समर्पित हैं। उनकी यही कार्यशैली ही उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ा रही है।