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अपनी भौगोलिक संरचना की वजह से बुन्देलखण्ड बीते दो दशक से प्राकृतिक विपदा का शिकार होता रहा है। लेकिन किसी भी सरकार ने सूखे की मार झेल रहे वीरों की भूमि बुन्देलखण्ड की तरफ ध्यान नहीं दिया है। सरकारें आयीं और गयीं, लेकिन बुंदेलखंड की स्थिति अच्छी होने के बजाय बिगड़ती गयी। ऐसे में बुंदेलखंड के हालात किसी से छुपे नहीं हैं। लेकिन सवाल सुधार प्रक्रिया का था। जो पूर्व की सरकारों ने नजरंदाज किया।

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अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड मंडल को हरा भरा करने का जिम्मा उठाया। चुनौती भरे काम को लेकर विपक्ष तमाशबीन बना हुआ था। पिछले 21 साल से सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड को दोबारा उसके गौरव वाले दिनों में ले जाना कठिन काम था। लेकिन अखिलेश यादव ने इस इलाके को हरा-भरा बनाने का काम किया। बुंदेलखंड में सूखे की स्थिति ऐसी है, यहां औसत वर्षा के बावजूद भी जल स्तर आधे से अधिक की गिरावट पर चला जाता है। ऐसी स्थिति में जमीन की सतह पर एकत्र पानी सूख जाता है।

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अखिलेश सरकार ने अपने विकास के एजेंडे में बुंदेलखंड की समस्या को दूर करने का जो काम किया है। उससे लोगों को फौरी तौर पर तो लाभ हुआ ही है, साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां सूखे की समस्या दूर करने के लिए कई दूरगामी योजनाएं भी चलायीं। जिससे बुंदेलखंड आने वाले वर्षों में खुशहाली की दिशा में कदम बढ़ाएगा। बुंदेलखंड के लोगों के लिए अखिलेश यादव ने काफी काम किया है। जिससे इस वीरान इलाके में आशा की नई लहर चल पड़ी है।

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सीएम अखिलेश में जल संचयन हेतु 12.21 करोड़ रुपये की खेत-तालाब योजना चलाई। जिससे तालाबों को नया जीवन मिला है। इसके अन्तर्गत तकरीबन 2000 तालाबों को साफ़ कराने और उसमें पानी भरवाने का काम हुआ है। इन तालाबों से वर्षा जल का संरक्षण भी होगा। यह योजना बुन्देलखण्ड के सभी जनपदों में चलाई गयी। आज बुंदेलखंड के लोग पहले की अपेक्षा अच्छे जीवन की ओर अग्रसर हुए हैं। अखिलेश सरकार ने यहां लोगों के लिए खाने का भी इंतजाम किया। एक तरफ से पूरे क्षेत्र के लोगों को राशन के पैकेट के साथ हल्दी, नमक, तेल, आटा, चावल और दाल मुहैया कराया गया।

जलसंरक्षण के लिए सीएम अखिलेश को पुरस्कार भी मिल चुका है

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जल संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय काम करने के लिए मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेंद्र सिंह ने बुंदेलखंड में बेहतर काम करने के लिए सीएम अखिलेश यादव की तारीफ की है। कोरिया गणराज्य की राजधानी सियोल में हुए अन्तरराष्ट्रीय वाटर सेमिनार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ‘प्लेक ऑफ एप्रीसिएशन’ ट्रॉफी से सम्मानित किया जा चुका है। यह आयोजन कोरिया रूरल रिसर्च एंड डेवलपमेन्ट इंस्टीट्यूट एवं कोरिया वटर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने किया था।