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एक तरफ पूरे देश में केंद्र की बीजेपी सरकार समाज को जाति, धर्म और आर्थिक आधार पर बांटने का काम कर रही है। वहीं दूसरी तरफ यूपी के सीएम अखिलेश ने बिना भेदभाव के पूरे प्रदेश का विकास तो किया ही साथ ही उन्होंने अपने विपक्षी पार्टी के नेताओं को भी सम्मानित किया। सीएम अखिलेश यादव ने हाल ही में मृतक पत्रकार रवि कनौजिया के परिजनों को 20 लाख रुपये और भाजपा कार्यकर्ता की विधवा को सरकारी नौकरी देकर एक मिसाल कायम की है।

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सीएम अखिलेश ने अंग्रेजी दैनिक इण्डियन एक्सप्रेस के फोटो जर्नलिस्ट रवि कनौजिया के परिजनों से भेंट की और उन्हें 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। रवि कनौजिया की विगत मई में झांसी में फोटो कवरेज के दौरान हुई दुर्घटना में करण्ट लगने से मौत हो गयी थी। वहीं एक दूसरी घटना में 13 अगस्त को बलिया के नरही थाना गेट पर पुलिस के साथ हुई हाथापाई में भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की मौत हो गयी थी। सीएम अखिलेश यादव ने विनोद राय की पत्नी को विशेष निर्णय लेकर उन्हें नियुक्ति पत्र दिया।

सीएम अखिलेश की इस पहल का सन्देश साफ़ है कि वह समाज में भेदभाव और विभाजन में विश्वास नहीं रखते हैं। उनका पहला कर्तव्य है लोगों की मदद और प्रदेश का विकास करना। जिसमें वह सफल भी हुए हैं। वहीं केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने ही कार्यकर्ता की मौत पर कुछ भी नहीं किया है।