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बीते कई वर्षों से महिलाओं ने पुरुषों को हर फील्ड में बड़ी चुनौती दी है। साथ ही कई जगह तो वह पुरुषों को पीछे भी छोड़ चुकी हैं। महिलाओं के विकास और आगे बड़ने की रफ्तार धीमी न पड़े, जिसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार भी महिलाओं की मदद को हमेशा तैयार रहती है। प्रदेश सरकार ने महिलाओं की खेल में भागेदारी बढ़ाने के लिए अब प्रत्येक जिले के बने खेल के मैदानों में लड़कियों के खेलने के लिए अलग से जमीन आरक्षित करेगी। यही नहीं जहां भी ग्राम सभा की जमीनों पर अवैध कब्जा है। उसे खाली कराकर खेल के मैदान के लिए आरक्षित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई में महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा मौके मिल रहे हैं। साथ ही महिलाओं के हित में प्रदेश सरकार बड़े निर्णय लेती रही है। वह चाहे महिलाओं की सुरक्षा के लिए वीमेन पॉवर लाइन 1090 हो या फिर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देने की बात हो। प्रदेश सरकार महिलाओं के विकास के लिए हमेशा आगे रही है। प्रदेश सरकार ने इस बार खेलों के विकास और उसमें महिलाओं को ज्यादा मौके देने के लिए ये अनूठी पहल की है। सरकार ने प्रत्येक जिले के तहसील, ब्लाक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण बच्चों के लिए खेल की सुविधाओं को उपलब्ध कराने एवं खेल के मैदान बनाने के लिए तत्काल जमीन अरक्षित करने की बात कही है।

प्रदेश सरकार के इस फैसले से गाँवो में मैदान का अभाव खत्म होगा और महिलाओं को अलग से मैदान मिलने पर वह भी अपनी प्रतिभा को निखारेंगी। जिससे आगे चलकर वह खेलों में प्रदेश के साथ-साथ देश का भी नाम रोशन करेंगी। प्रदेश सरकार के इस फैसले से ज्यादा से ज्यादा युवा खेलों से जुड़ेंगे। इससे पहले प्रदेश सरकार ने खेलों के विकास के लिए राजधानी लखनऊ में 368 करोड़ रुपये के बजट से अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम बना रही है। साथ ही प्रदेश के उन सभी खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी की नौकरी दे रही है। जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतने में सफल हो रहे हैं। सरकार के इन फैसलों से प्रदेश में खेलों का विकास होगा। जो उत्तर प्रदेश के विकास में सहायक होगा।