up tourism

भारत ही नहीं दुनिया में भी पर्यटन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सैलानियों की सैरगाह रहा है। आगरा के ताजमहल से लेकर बनारस, मथुरा, लखनऊ, श्रावस्ती और तकरीबन हर जिले में घूमने के लिए देश ही नहीं विदेश के भी सैलानी आते हैं। इस विशेषता को देखते हुए प्रदेश सरकार भी उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। यूपी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म विभाग ने अब सात नए सर्किट बनाए हैं। इनका उद्देश्‍य ज्‍यादा से ज्‍यादा पर्यटकों को प्रदेश में आने के लिए आकर्षित करना है। नई पर्यटन नीति 2016 में वि‍भाग ने पहले से मौजूद सात सर्किट के अलावा सात और सर्किट बनाने जा रही है। इससे यूपी के कल्चर को लोग समझ सकेंगे और पर्यटन के जरिये रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जिससे प्रदेश के अलावा नागरिकों की आय भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में पर्यटन के क्षेत्र में यूपी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। अंदाजा ये भी लगाया जा रहा है कि 2027 तक करीब 60 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश में आयेंगे। इससे पहले की सरकारों में यूपी में पर्यटन का ये महौल नहीं था। लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पर्यटन को बढ़ावा देकर नियमों को आसान बनाया। साथ ही विश्वस्तर की सुविधा भी राज्य में मुहैया करायी। जिससे पर्यटकों को कोई दिक्कत न आये। हालाँकि इससे प्रदेश की कमाई भी बड़ी है। सीएम के इस प्रयास का ही नतीजा है कि साल 2014 तक यूपी आने वाले पर्यटकों की संख्या 18 करोड़ तक पहुँच गयी है।

प्रदेश सरकार ने जो नये सात सर्किट बनाये हैं। उनमें देश के सबसे पुराने और पौराणिक जगहों को शामिल किया गया है। इनमें महाभारत सर्किट में वो सभी पर्यटक स्थल शामिल किए गए हैं। जहां पर महाभारत से जुड़े अवशेष हैं। इसमें हस्तिनापुर जैसे क्षेत्र को शामिल किया गया है। वहीं रामायण सर्किट में रामायण युग के वो सभी क्षेत्र शामिल किए गए हैं। जहां पर अभी भी निशान मौजूद हैं। इनमें अयोध्या जैसे क्षेत्र शामि‍ल हैं। अयोध्या और हस्तिनापुर को शामिल करने से इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जिससे इन ऐतिहासिक जगहों के लोग भी प्रदेश की विकास यात्रा में कदम ताल मिलाकर चल सकेंगे।