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उत्तर प्रदेश में मौसम के पल-पल बदलते मिजाज के बीच जानलेवा दिमागी बुखार के खतरों को भांपते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बीमारी से लड़ने की तैयारी कर ली है। इस बीमारी से किसी की जान न जाए उसके लिए सीएम ने चिकित्सा से जुड़े अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिया है। इसके प्रदेश सरकार ने इस बार पूर्वांचल के अस्पतालों को 60 हजार मछरदानी खरीदने के निर्देश भी दिए हैं। जिससे इस दिमागी बुखार का प्रकोप न बढ़े।

इन मेडिकेटेड मछरदानियों को सरकार मरीजों और गरीब तबकों के बीच बांटने के निर्देश दिए हैं। इससे इस बीमारी पर रोक लगाने में अहम मदद मिलेगी। सरकार ने उन परिवारों की फ़िक्र करते हुए पहले से ही दिमागी बुखार से मृत्यु होने पर मृतक के परिवार को 50 हजार रुपये और विकलांग होने पर उन्हें एक लाख की आर्थिक सहायता देने का इंतजाम किया हुआ है।

इससे पहले प्रदेश सरकार ने 108 और 102 एम्बुलेंस से भी प्रदेश में एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिण्ड्रोम (एईएस) तथा जापानी इन्सेफ्लाईटिस (जेई) पीडि़त मरीजों को उपचार के लिए भर्ती कराने की व्यवस्था की हुई है। दिमागी बुखार से बचाव के लिए गांव-गांव में टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। कुल मिलाकर सरकार इस खतरनाक बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। वह नहीं चाहती है कि प्रदेश का एक भी नागरिक इस बीमारी से अपनी जान गवांये। इससे सरकार की संवेदनशीलता का अनुमान लगाया जा सकता है।