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किसी भी राज्य के विकास में स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर होना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि स्वस्थ समाज ही विकसित समाज बन सकता है। इस बात को हमारे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बखूबी समझते हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे प्रदेश में बेहतर एम्बुलेंस व्यवस्था कर रखी है। जिससे मरीज समय से अस्पताल पहुंच जाते हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी करते हुए मोबाइल अस्पताल चलाने की घोषणा की है। जिससे अब अस्पताल खुद मरीजों के पास पहुंचेंगे।

सरकार ने नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट के तहत सुदूर ग्रामीण अंचलों में चिकित्सा सुविधा बेहतर करने के लिए मोबाइल डिस्पेंसरी भेजने का निर्णय लिया है। जो मरीजों का मुफ्त इलाज करेगी। इसका पूरा खर्च प्रदेश सरकार खुद उठाएगी। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मुहैया हों इसके लिए 170 मोबाइल यूनिटें हर गाँव में घूमती रहेंगी। दो-दो वाहनों की एक मोबाइल मेडिकल यूनिट बनाई जाएगी। इनमें डॉक्टर, नर्स के साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद रहेगा। सभी जरूरी जांचें भी मौके पर हो सकेंगी। ये मेडिकल यूनिटें पीपीपी मोड पर संचालित की जाएंगी।

अखिलेश सरकार के इस फैसले से ग्रामीण अंचलों के लोगों काफी फायदा होगा। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही जिस अस्पताल के लिए उन्हें लम्बी दूरी तय करनी पड़ती थी। वह अब उनके द्वार पर खुद चलकर आएगा। कुल मिलाकर क्रांतिकारी समाजवादी एम्बुलेंस सेवा के बाद चिकित्सा क्षेत्र में प्रदेश सरकार की ये योजना सबसे प्रभावी साबित होगी।