free bags

किसी भी बेहतर समाज के निर्माण की आधारशिला शिक्षा होती है। बिना शिक्षा के सभ्य समाज की आशा करना बेमानी होगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अब प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को पहली बार मुफ्त स्कूल बैग भी देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है, जहां मुफ्त बैग वितरित किए जाएंगे। इससे पहले सिर्फ उड़ीसा और तमिलनाडु में ही मुफ्त स्कूल बैग वितरित किए गए हैं।

इससे पहले भी प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कई योजनायें चलाई हैं। इससे साफ़ होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता शिक्षा को बेहतर बनाना है। जिसके लिए सरकार ने लैपटॉप वितरण योजना चलाकर छात्रों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने में अहम योगदान दिया है। साथ ही इस योजना से रोजगार पाने वाले छात्रों ने इसकी खूब तारीफ भी की है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने प्राथमिक शिक्षा में अध्यापकों की कमी न हो इसलिए शिक्षामित्रों को स्थायी भी किया है। शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने 2015 जुलाई में बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण की शुरुआत किया था। वहीं अब सरकार ने मिड-डे मील के साथ अब बच्चों के लिए फल भी मुहैया कराना शुरू किया है।

प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों के तकरीबन 1.60 करोड़ बच्चों को मुफ्त बैग दिए जाने की तैयारी में है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपये का बजट बनाया है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम उन लाखों बच्चों के लिए बड़ा तोहफा होगा, जो पॉलीथिन या हाथ से बने झोले में कॉपी-किताबें लेकर स्कूल जाते हैं। इससे उन्हें स्कूल में बराबरी का एहसास होगा। साथ ही उत्तर प्रदेश में शिक्षा के स्तर एक बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।