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प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बेहतर शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अखिलेश सरकार ने शिक्षकों की  कमी को पहले खत्म किया। इसके अलावा मिड-डे मील के साथ-साथ बच्चों को फल और दूध देने की भी व्यवस्था की। ताकि विद्यालयों में आने वाले बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहे और उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़े। इसी क्रम में अखिलेश सरकार ने अक्षय पात्र फाउंडेशन की मदद से यूपी के 11 जिलों के प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को केन्द्रीयकृत किचेन के माध्यम से गरमागरम खाना मिलेगा।

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ये सुविधा अभी तक लखनऊ और मथुरा में लगभग 02 लाख बच्चों को मिल रही थी। 11 जनपदों को सम्मिलित करने के बाद इस संस्था द्वारा प्रदेश के 13 लाख बच्चों को प्रतिदिन गुणवत्ता युक्त मध्यान्ह भोजन मिलने लगेगा। अखिलेश सरकार प्रत्येक जनपद में केन्द्रीयकृत किचेन निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के अतिरिक्त प्रति किचेन करीब 14 करोड़ रुपए का व्यय भार भी वहन करेगी। जिससे मासूमों को बेहतर शिक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण भोजन भी मिले।

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कुपोषित बच्चों के लिए हौसला पोषण योजना भी समाजवादी सरकार चला रही है। राज्य सरकार के इन प्रयासों के फलस्वरूप मानव सूचकांक में सुधार भी हुआ है। अखिलेश सरकार लगातार प्राथमिक विद्यालयों को उच्च स्तर पर ले जाने का काम कर रही है। जिसके लिए शिक्षकों को भी तैयार किया गया है। अखिलेश सरकार ने बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई निर्णय लिए हैं। जिससे उनमें पढ़ाई के प्रति और अधिक जिज्ञासा पैदा हो रही है। प्रदेश से निकलने वाली प्रतिभा ही देश का भविष्य तय करेगी।