बच्चों को होस्टल में भेजकर पढ़ाने का मजदूरों का ख्वाब भी जल्द पूरा होगा। इसके लिए सरकार ने पहले चरण में 12 जिलों में आवासीय स्कूल खोलने का फैसला किया है। 

स्कूल व होस्टल के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपए मंजूर हो गए हैं। प्रमुख सचिव श्रम ने बताया कि आवासीय स्कूलों में कक्षा 6  व  7 और 8 तक की कक्षाएं चलेंगी। छात्रों की पढ़ाई पर आने वाला खर्च श्रम विभाग उठाएगा। जिन जिलों में स्कूल की स्थापना होनी है वहां के प्रशासन ने निःशुल्क जमीन उपलब्ध करा दी है। श्रम मंत्री शाहिद मंजूर का कहना है कि सरकार श्रमिकों के बच्चों को हर संभव मदद उपलब्ध करने में जुटी है।