ये हैं वाराणसी के फूलपुर के एक पुलिस अधिकारी श्री संजीव मिश्रा। और जिस गरीब बच्ची को ये अपनी छाती से चिपकाए चल रहे हैं वो एक दुष्कर्म की शिकार है। जब कोई भी इस बच्ची को उठाने को तैयार नहीं हुआ तो इन्होंने खुद ही इस बच्ची को उठाया और एक अस्पताल से दूसरी अस्पताल तक उसे ऐसे ही अपनी गोद में लेकर भागदौड़ की, जबकि मामला उनके क्षेत्राधिकार का भी नहीं था। मानवता की मिसाल बने उत्तर प्रदेश पुलिस के इस जांबाज पुलिस अफसर की देश ही नहीं दुनिया भी तारीफ करते नहीं थक रही है।

संजीव मिश्रा वाराणसी के फूलपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी हैं। गंभीर हालत में यह बच्ची उनके पुलिस स्टेशन के क्षेत्राधिकार वाले इलाके से बाहर बेसुध पड़ी थी। दुर्भाग्य से कोई भी इस बच्ची को इलाज के लिए आगे नहीं आ रहा था। ऐसे समय में संजीव मिश्रा आगे और सबसे पहले बच्ची के इलाज के लिए इंतजाम शुरू किया। उन्होंने एंबुलेंस के आने का इंतजार नहीं किया, बल्कि मासूम को सीने से चिपकाए खुद ही सरकारी अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पर दुर्भाग्य से सरकारी अस्पतालों ने भी बच्ची का इलाज करने से इन्कार कर दिया तो संजीव मिश्रा बच्ची को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे और अपने खर्च पर इलाज करवाया।