ramu

 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उदारता के किस्से तो समय-समय पर सुनने को मिलते ही रहते हैं, पर ऐेसे ही किस्से अगर दूसरे मंत्रियों के बारे में सुनने को मिलें तो सुखद आश्चर्य होता है। जी हां, अखिलेश सरकार में ऐसे कई मंत्री हैं, जो अपने बेहतरीन कामकाज के अलावा सामाजिक जीवन के उच्च आदर्शों का शिद्दत से पालन करते हैं, जो उनके जनप्रतिनिधि होने की परिभाषा को सही मायने में स्पष्ट करता है। ताजा मामला है उत्तर प्रदेश के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया का है। रामूवालिया वैसे तो जेलों को दुरूस्त करने के अपने काम को लेकर हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन अब उन्होंने एक अनूठी मिशाल पेश की है। कारागार विभाग में काम करने वाले सेक्शन अफसर वीपी नागेश के बेटे विवेक ने आईएएस की परीक्षा में 833वीं रैंक हासिल है। इसकी जानकारी जब मंत्री रामूवालिया को हुई तो वो विवेक को बधाई देने अपने विभाग के बाबू के घर जा पहुंचे। उन्होंने विवेक की सफलता पर उनके परिवार को भी बधाई दी साथ ही विवेक के उज्जवल भविष्य की कामना की। यह पहला मौका नहीं जब रामूवालिया ने समाजवाद के उस मिशाल को पेश किया है, जिसका मंत्र है कि मंत्री को शासक नहीं, सेवक होने चाहिए। तब एक घूसखोर अफसर से तंग व्यक्ति जेल मंत्री रामूवालिया से मदद मांगने आया था। पीड़ित का दर्द देखकर खुद रामूवालिया भावुक हो गए और उनके आंखों से आंसू निकल पड़े। अफसर के घूस लेने की शिकायत पर जेल मंत्री रामूवालिया ने छापेमारी के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए घूसखोर अफसर को सस्पेंड कर दिया।