बेटियों के जन्म को लेकर लोगों की धारणा में काफी बदलाव आ रहा है। फिर भी एक तबका ऐसा भी है जो बेटियों को बोझ मानता है। इस धारणा को तोड़ने की अलीगढ़ मुसलिम यूनिवर्सिटी के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर ने अनूठी पहल की है। डाॅक्टरों ने एक मार्च से आठ मार्च तक अस्पताल में बच्ची के जन्म लेने पर तोहफे बांटे। महिला दिवस के उपलक्ष्य में महिलाओं और लड़कियों को सम्मान देने का उनका यह तरीका काबिल-ए-तारीफ है। यूनिवर्सिटी के गायनाकॉलोजी विभाग ने अपने यहां लेबर रूम में एक मार्च से 8 मार्च के बीच पैदा होने वाली लड़कियों का केक काट कर रोजाना जन्म दिन मनाया। यही नहीं बेटियों के माता-पिता को गिफ्ट हैंपर देकर उनका भी सम्मान बढ़ाया। विभाग का मानना है कि इस तरह कुछ हद तक ही सही वह बेटी पैदा होने के बाद बनने वाली सोच को कम कर सकता है।

अलीगढ़ के महिला संगठनों ने मेडिकल कॉलेज की इस पहल का दिल खोलकर स्वागत किया है। गायनाकालोजी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर सीमा हकीम ने एक समाचार पत्र को बताया कि विभाग ने लड़कियों की शिक्षा एवं उसकी अहमियत के बारे में उनके माता पिता को जागरूक करने के उद्देश्य से विभाग ने यह अनोखी शुरूआत की है। इसके तहत विभाग के रेजीडेंट चिकित्सक आपस में पैसा इकट्ठा करके बेटियों के जन्म को सेलिब्रेट करते हैं।  इस कड़ी में मेडिसिन संकाय के प्रोफेसर जमाल अहमद और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर तारिक मंसूर भी लेबर रूम में पैदा होने वाली लड़कियों के अभिभावकों को गिफ्ट हैंपर प्रदान किए आर उन्हें लड़कियों की सही परवरिश के बारे में माता-पिता को जागरूक किया।