मंत्री को शासक नहीं, सेवक होने चाहिए। 

यही मंत्र है समाजवादी पार्टी का। समाजवादी पार्टी के सदस्यों का जनता के साथ ऐसा ही आत्मीय संबंध उस वक्त देखने को मिला घूसखोर अफसर से परेशान एक व्यक्ति जब जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से मदद मांगने आया। पीड़ित दर्द देख खुद रामूवालिया भावुक हो गए और उनके आखों से आंसू निकल पड़े। अफसर के घूस लेने की शिकायत पर जेल मंत्री रामूवालिया ने सचिवालय के सेक्शन 3 में छापेमारी की। उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए घूसखोर अफसर को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही विभाग से कई अहम कागजात भी जब्त किए हैं। 

दरअसल, मथुरा के रहने वाले राम भारद्वाज नाम के शख्स का बेटा पिछले कई सालों से जेल बंद है। बेटे के पैरोल के लिए राम भारद्वाज 2009 से अधिकारियों के लगातार चक्कर लगा रहे थे, लेकिन विभागीय कर्मचारी और अधिकारियों की उदासीनता के चलते इनके बेटे को पैरोल नहीं मिली। इसी दौरान पीड़ित का संपर्क सीएम सचिवालय भवन के सेक्शन तीन में तैनात बाबू संतोष श्रीवास्तव से हुआ और संतोष ने पैरोल के लिए उनसे 5 हजार रुपए की मांग की। बेटे से मिलने और पैरोल की चाहत में पीड़ित बुजुर्ग ने विभागीय बाबू को 5 हजार रुपए भी दिए, लेकिन इसके बावजूद भी उनके बेटे को पैरोल नहीं मिली।  इसकी शिकायत पीड़ित ने जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से की। शिकायत के बाद मंत्री ने सोमवार को सचिवालय भवन के सेक्शन तीन में अचानक छापेमारी कर दी। छापेमारी के दौरान मंत्री को घूस लेने की शिकायत के साथ ही यहां पर तैनात कर्मचारियों की घोर लापरवाही की भी जानकारी मिली। 

मंत्री ने यहां से कई कागजात जब्त करने के साथ ही आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों की लापरवाही और उदासीनता के चलते पीड़ित आत्महत्या करने पर भी मजबूर हो सकता है।